अगर यह सच है कि
ब्लॉगवाणी और चिट्ठाजगत एग्रीगेटर का पुन: अवतरण हो रहा है
सोच रहा हूं
ब्लॉग और चिट्ठों पर हो रहे घमासान
युद्ध मान लेते हैं
का क्या होगा ?
चिट्ठाजगत आए
या आए ब्लॉगवाणी
आओ मिलकर फैसला करें
पाठकवाणी
ब्लॉगजगत के वासी।
अपनी राय दें
क्या चाहते हैं
क्या हो
क्या न हो
खामियां क्या पहले रहीं
अब जो चाहते नहीं ।
वह भी अवश्य बतलाएं
तनिक न शर्माएं
जिससे बाद में
न उलझें उलझाएं।
ब्लॉगवाणी और चिट्ठाजगत एग्रीगेटर का पुन: अवतरण हो रहा है
सोच रहा हूं
ब्लॉग और चिट्ठों पर हो रहे घमासान
युद्ध मान लेते हैं
का क्या होगा ?
चिट्ठाजगत आए
या आए ब्लॉगवाणी
आओ मिलकर फैसला करें
पाठकवाणी
ब्लॉगजगत के वासी।
अपनी राय दें
क्या चाहते हैं
क्या हो
क्या न हो
खामियां क्या पहले रहीं
अब जो चाहते नहीं ।
वह भी अवश्य बतलाएं
तनिक न शर्माएं
जिससे बाद में
न उलझें उलझाएं।
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं है सूरत यह बदलनी चाहिए।एक फेमस कवि की पंक्तियां।




