दैनिक नवभारत टाइम्स के हैलो दिल्ली के पेज 3 पर असीम त्रिवेदी ने जो कहा
अगर पूरा नहीं पढ़ पा रहे हैं तो आज दिनांक 9 नवम्बर 2012 का नवभारत टाइम्स खरीदकर पूरा पढ़ सकते हैं।
ब्लॉगजनहिताय नवभारत टाइम्स दैनिक में आज दिनांक 15 जुलाई 2010 को प्रकाशित लेख साभार।इंटरनेट ने जब से मध्यवर्गीय घरों में अपनी जगह बनाई है, तब से संवाद और बहस-मुबाहिसे का एक नया सिलसिला शुरू हो गया है। पहली
सावधान रहिए और
रहिए सदा सतर्क
लापरवाही मत कीजिए
नहीं तो होगी कार गर्क।

