पहचान पहेली : पहचानने का प्रयास तो कीजिए - कल पूरा ब्‍यौरा मिलेगा

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  • अविनाश वाचस्पति
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  • प्रयास करेंगे
    तो पहचानेंगे भी
    ऐसा तो नहीं है
    एक को न जानें
    बल्कि कईयों को जानना
    नेक जनों को जानना
    पहचानना होता है
    जिसको साथ हो होता है
    दूसरा भी वैसा ही मिलता है।

    इनमें जो रस है
    वो सेवा रस है
    वाह जी वाह
    हास्‍य रस से परिचित हैं
    गन्‍ने के रस का भी
    लिया है स्‍वाद
    पर सेवा भाव का आस्‍वाद
    सदा ही होता है लाजवाब।

    वैसे जो मोबाइल से कर रहे हैं खिलवाड़
    वे शब्‍दों के खिलाड़ी हैं
    खिलाड़ी बहुत बड़े हैं
    मैदान में जमे हैं
    जमा रहे हैं
    नेक कार्यों को बढ़ा रहे हैं।

    आप पहचानिए
    हम सुबह पोस्‍ट लेकर
    आ रहे हैं।

    5 टिप्‍पणियां:

    1. जहां तक मेरी नजर जा रही है, मैं कहूंगा कि ये शब्‍दों के खिलाडी हैं- श्री अशोक चक्रधर जी

      क्‍या मैने सही पहचाना अविनाश सर ?

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    2. आज सुबह से तो खुद को ही नहीं पहचान पा रहे हैं, इन्हें क्या पहचानें.

      उत्तर देंहटाएं
    3. स्कुल मै बच्चो से जबर दस्ती कोई कविता पाठ करवा रहा है, यानि शोषाण... अभी बच्चा पार्टी को भेजते है जी

      उत्तर देंहटाएं
    4. प्रसिद्ध कवि अशोक चक्रधर जी हैं जी

      प्रणाम स्वीकार करें

      उत्तर देंहटाएं

    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
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