भ्रष्टाचार के विरुद्ध
अन्ना हजारे के साथ
जो हैं अभी हजारों में
वे हजारों हिन्दी ब्लॉगर
भ्रष्टाचार का करते हैं
प्रबल विरोध।
नहीं बैठे अनशन पर
तो क्या है
ब्लॉग पर तो हैं मौजूद
और मौजूद हैं फेसबुक पर
और ट्विटर पर भी
कर रहे हैं खटर पटर
भ्रष्टाचार ही नहीं
सभी बुराईयों के खिलाफ ।
इनकी खटर पटर
मचाती है खूब तेज हलचल
इससे कांपती सिर्फ
बुराईयां ही नहीं हैं
कांपती है बुरी नीयत
बुरे इंसान की
बुरी सरकार की ।
डोलता नहीं है उसका मन
क्योंकि बुरे इंसान का
होता ही नहीं है मन
नहीं तो कब का पहुंचाया होता
उनके पास सम्मन।
हिन्दी ब्लॉगों से
लगने लगा है डर
बुराईयों को
कल जब आया था
तेज भूंकप दिल्ली में
तब आपने नहीं पहचाना
पर मैं जान गया हूं
बुराईयां भाग रही थीं
बहुत तेजी से
इकट्ठी होकर सब।
अंधविश्वास नहीं है यह
पुख्ता सबूत मिले हैं इसके
भूकंप से भी हुई है बात
और उसने स्वीकारा है
कि भ्रष्टाचार और बुराईयों ने ही
भूकंप को भी हिला कर डराया है।
पर अब भूकंप से भी तेज
भूकंप नहीं
जापान वाली सूनामी
पहुंच रही है दिल्ली
अनशन चालू है
सुनामी पहुंच चुकी है
भ्रष्टाचार धारकों की
गायब हो गई है नींद ।
उन्हें कल रात को मैंने
जंतर मंतर पर
धूनी रमाते देखा
पर उनकी धूनी रमी ही नहीं
तभी तो हजारों हजार की
रम रही है।
भ्रष्टाचार घबराया हुआ है
सरकार में है
इसलिए थरथराया हुआ है
मर जाएगा
या पाएगा जीवन
यह सब हमारे आपके
सबके हाथों में है।
हाथों को हाथ न रहने दें
हथियार बना लें
भ्रष्टाचार के खिलाफ
जंग का बुलंद स्वर लहरा दें
दिखा दें मुट्ठी उसको
भ्रष्टाचार कहते हैं जिसको ?
रवीश कुमार साथ हैं
अविनाश दास साथ हैं
रवीन्द्र प्रभात लाए
नया सुहाना प्रभात हैं
मैथिली गुप्ता की सच्ची बात है
ललित शर्मा, पवन चंदन, रविन्द्र पुंज
बालेन्दु शर्मा, कमल शर्मा, अनिता कुमार
विवेक रस्तोगी, अमिताभ श्रीवास्तव, अजय कुमार झा
सब साथ सात हैं
अगर आप भी साथ हैं
तो टिप्पणी में अपना नाम जोड़ते जाएं
इस कड़ी को शिखर की ओर तुरंत पहुंचायें।


