न्यूयॉर्क में बापू के स्मृति चिन्हों की विवादास्पद नीलामी में भारतीय उद्योगपति विजय माल्या ने 18 लाख डॉलर की बोली लगा कर बाज़ी मार ली। यह लगभग भारतीय रूपये साढ़े नौ करोड़ के बराबर है । हमारे लिए यह खुशी की बात है कि एक भारतीय ने इन स्मृति चिन्हों को खरीदने में रूचि दिखायी । जबकि भारत सरकार ने इस नीलामी को रोकने का प्रयास किया था जिसके जवाब में जेम्स ओटिस सरकार के सामने गरीबों के लिए कार्य करने की शर्त रखी थी । जिसे सरकार ने नहीं माना ।
जेम्स ओटिस ने कहा कि मैं यह नीलामी पैसे के लिए नहीं बल्कि गांधी जी के विचारों को आगे बढ़ाया जा सके और इसका प्रसार-प्रचार हो । नीलामी की बोली २० से ३० हजार डालर से शुरू हुई । और अन्तिम बोली विजय माल्या की रही ।
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जेम्स ओटिस ने कहा कि मैं यह नीलामी पैसे के लिए नहीं बल्कि गांधी जी के विचारों को आगे बढ़ाया जा सके और इसका प्रसार-प्रचार हो । नीलामी की बोली २० से ३० हजार डालर से शुरू हुई । और अन्तिम बोली विजय माल्या की रही ।


