यह टंकी पर नहीं चढ़ रहा हूं
मत समझें कि खुदकुशी कर रहा हूं
ब्लॉगिंग में सबने बुरा बुरा ही कहा है मुझे
वह तो मैं हूं जो सह गया
फिर भी ब्लॉगिंग करता गया
पर अब नहीं सहूंगा
किसी की क्यों सुनूं
आरोप लगा रहे हैं सारे
ब्लॉगिंग इसलिए करी मैंने
कि अखबारों में छपे मेरे लेख सारे
इसलिए अब मैं अखबारों में ही छपूंगा
फेसबुक पर मिलूंगा
मिलूंगा ट्विटर पर
लिकेंदिन, पिन्टरेस्ट
और ऐसे सभी सोशल मीडिया ठिकानों पर
पर ब्लॉगिंग नहीं करूंगा
ब्लॉगिंग तो एक गाली है
जो सबने मुझे दी है
जैसे ब्लॉगिंग करके मैंने
बंगला बना लिया है
मुझे बगुला भगत तक कहा गया है
गत बनाई है मेरी बुरी
ब्लॉगिंग ही है वह धुरी
जहां पर मेरी लेखनी पर चली है छुरी
विचारों को मेरे पीस दिया गया है
एक एक विचार को कुचला गया है
अब नहीं सहूंगा
ब्लॉगिंग नहीं करूंगा
आपको जिसमें मिलती है खुशी
आप वही करो
जिसमें मुझे मिलती है
मैं वह करूंगा।
इस ब्लॉग को भी कुछ घंटे बाद
बंद कर दूंगा
अपने बाकी सभी ब्लॉग मैंने
कर दिए हैं बंद
क्लिक करे घूम कर देख लें
जांच लें
कोई खुला रह गया हो तो
बतला दें
उस पर भी ताला जड़ दूंगा
सब पर जड़ दिया है ।
सब मुझे अपनी तरह चलाना चाहते हैं
अपने विचार मुझ पर लादना चाहते हैं
मैं क्या कोई गधा हूं
जो भार लेकर चलूंगा
मैं भी अब हाथ खाली हिला हिला कर
फेसबुक पर घूमूंगा
मंडराऊंगा
और खूब विवादित सेक्सी स्टेटस लगाऊंगा ।
जिसको हो आपत्ति मुझे छोड़ दे
मेरी कलम के लिखे को पढ़ना छोड़ दे
पर मैं ब्लॉगिंग नहीं करूंगा
सब कुछ करूंगा
मानूंगा, मनाऊंगा
पर ब्लॉगिंग शुरू करने की
किसी की बात कतई नहीं मानूंगा
ब्लॉगिंग करके अपने अमूल्य समय को
यूं ही क्यों उजाड़ता रहूं
उतने समय में फेसबुक पर मस्ती न करूं
मन में आए तो व्यंग्य न लिखूं ।
आपको न हों पसंद मेरे व्यंग्य
मेरे लेख, मेरी कविताएं, मेरे विचार
नहीं पड़ता अब कोई अंतर
वह सब मेरी संतानें हैं
मुझे बहुत प्यारी हैं
आपके कहने से मैं क्यों उनका गला घोटूं
मैं अपने नहीं, आपके दिमाग से सोचूं
आप करो आलोचना और मैं खुश रहूं
मैं करूं तारीफ और आप रहें प्रसन्नमना
क्या मैं इसलिए ही हूं बना।
अब देखना बिना ब्लॉगिंग के
कितनी घनघोर होगी विचारों की बरसात
आपने पानी की बाढ़ देखी है
नहीं देखी होगी विचारों की बाढ़
देखता हूं कौन मुझे रोकता है
किसके रोकने से मैं रूकता हूं
आप भी देख रहे हैं
मैं भी देख रहा हूं
आप भी देखते रहिए
मैं तो मुंह ढक कर सोऊंगा
पर ब्लॉगिग सपने में नहीं करूंगा।
मत समझें कि खुदकुशी कर रहा हूं
ब्लॉगिंग में सबने बुरा बुरा ही कहा है मुझे
वह तो मैं हूं जो सह गया
फिर भी ब्लॉगिंग करता गया
पर अब नहीं सहूंगा
किसी की क्यों सुनूं
आरोप लगा रहे हैं सारे
ब्लॉगिंग इसलिए करी मैंने
कि अखबारों में छपे मेरे लेख सारे
इसलिए अब मैं अखबारों में ही छपूंगा
फेसबुक पर मिलूंगा
मिलूंगा ट्विटर पर
लिकेंदिन, पिन्टरेस्ट
और ऐसे सभी सोशल मीडिया ठिकानों पर
पर ब्लॉगिंग नहीं करूंगा
ब्लॉगिंग तो एक गाली है
जो सबने मुझे दी है
जैसे ब्लॉगिंग करके मैंने
बंगला बना लिया है
मुझे बगुला भगत तक कहा गया है
गत बनाई है मेरी बुरी
ब्लॉगिंग ही है वह धुरी
जहां पर मेरी लेखनी पर चली है छुरी
विचारों को मेरे पीस दिया गया है
एक एक विचार को कुचला गया है
अब नहीं सहूंगा
ब्लॉगिंग नहीं करूंगा
आपको जिसमें मिलती है खुशी
आप वही करो
जिसमें मुझे मिलती है
मैं वह करूंगा।
इस ब्लॉग को भी कुछ घंटे बाद
बंद कर दूंगा
अपने बाकी सभी ब्लॉग मैंने
कर दिए हैं बंद
क्लिक करे घूम कर देख लें
जांच लें
कोई खुला रह गया हो तो
बतला दें
उस पर भी ताला जड़ दूंगा
सब पर जड़ दिया है ।
सब मुझे अपनी तरह चलाना चाहते हैं
अपने विचार मुझ पर लादना चाहते हैं
मैं क्या कोई गधा हूं
जो भार लेकर चलूंगा
मैं भी अब हाथ खाली हिला हिला कर
फेसबुक पर घूमूंगा
मंडराऊंगा
और खूब विवादित सेक्सी स्टेटस लगाऊंगा ।
जिसको हो आपत्ति मुझे छोड़ दे
मेरी कलम के लिखे को पढ़ना छोड़ दे
पर मैं ब्लॉगिंग नहीं करूंगा
सब कुछ करूंगा
मानूंगा, मनाऊंगा
पर ब्लॉगिंग शुरू करने की
किसी की बात कतई नहीं मानूंगा
ब्लॉगिंग करके अपने अमूल्य समय को
यूं ही क्यों उजाड़ता रहूं
उतने समय में फेसबुक पर मस्ती न करूं
मन में आए तो व्यंग्य न लिखूं ।
आपको न हों पसंद मेरे व्यंग्य
मेरे लेख, मेरी कविताएं, मेरे विचार
नहीं पड़ता अब कोई अंतर
वह सब मेरी संतानें हैं
मुझे बहुत प्यारी हैं
आपके कहने से मैं क्यों उनका गला घोटूं
मैं अपने नहीं, आपके दिमाग से सोचूं
आप करो आलोचना और मैं खुश रहूं
मैं करूं तारीफ और आप रहें प्रसन्नमना
क्या मैं इसलिए ही हूं बना।
अब देखना बिना ब्लॉगिंग के
कितनी घनघोर होगी विचारों की बरसात
आपने पानी की बाढ़ देखी है
नहीं देखी होगी विचारों की बाढ़
देखता हूं कौन मुझे रोकता है
किसके रोकने से मैं रूकता हूं
आप भी देख रहे हैं
मैं भी देख रहा हूं
आप भी देखते रहिए
मैं तो मुंह ढक कर सोऊंगा
पर ब्लॉगिग सपने में नहीं करूंगा।


