कविता पढ़ने से पहले इसे अवश्य पढ़ प्रतिक्रियाएं
दोबारा से इस
कविता पर आएं
टिप्पणियां ग्यारह
और यहां
नौ दो ग्यारह
कहीं नहीं हैं बारह
देख लीजिए
जांच लीजिए
एक एक नेक पोस्ट
नेक मैं कह रहा हूं
आप क्या कहते हैं
टिप्पणियां क्यों
घट रही हैं
घटना नहीं
घटहां बन रही हैं
क्या कहना है आपका
विश्लेषण जनाब का
पढ़ नहीं रहे हैं
या नहीं भा रहे हैं
व्यंग्य
वैसे पसंद का
बटन दबा रहे हैं
फेसबुक पर वे
जिनकी ऊंगलियां
नहीं दे रही हैं दिखाई
वे भी तो हैं
पढ़ने वाले भाई
या हैं बहनें
पाठक सदा
सच्चे हैं गहने।
पसंद कर लेते हैं
फेसबुक पर
और टिप्पणी
देते हैं रहने।
देखा मुझे भी
फेसबुक पर
कर लिया पसंद
यूं तो सभी
हैं रजामंद
पर पसंद करने में
बहुत तीव्र
नहीं हैं मंद।
दोबारा से इस
कविता पर आएं
टिप्पणियां ग्यारह
और यहां
नौ दो ग्यारह
कहीं नहीं हैं बारह
देख लीजिए
जांच लीजिए
एक एक नेक पोस्ट
नेक मैं कह रहा हूं
आप क्या कहते हैं
टिप्पणियां क्यों
घट रही हैं
घटना नहीं
घटहां बन रही हैं
क्या कहना है आपका
विश्लेषण जनाब का
पढ़ नहीं रहे हैं
या नहीं भा रहे हैं
व्यंग्य
वैसे पसंद का
बटन दबा रहे हैं
फेसबुक पर वे
जिनकी ऊंगलियां
नहीं दे रही हैं दिखाई
वे भी तो हैं
पढ़ने वाले भाई
या हैं बहनें
पाठक सदा
सच्चे हैं गहने।
पसंद कर लेते हैं
फेसबुक पर
और टिप्पणी
देते हैं रहने।
देखा मुझे भी
फेसबुक पर
कर लिया पसंद
यूं तो सभी
हैं रजामंद
पर पसंद करने में
बहुत तीव्र
नहीं हैं मंद।


