दर्द फोड़े में न रहे
बाहर बहे
तो अच्छा
न करे दिल का रुख
सबसे अच्छा
दिल का दर्द
दिल में दर्द
नहीं जानते हैं सिर्फ
दिल्ली में रहने वाले।
दिल का दर्द
उस प्रत्येक को होता है
जो रखता है अपने पास
एक अदद नेक दिल
पर जरूरी नहीं
प्रत्येक दिलधारक को
दिल के दौरे पड़ें ही।
हां, उसका दिल
बेदर्दी से बांटता रहा हो
दर्द-ए-दिल
बहुत मशरूफियत से सबको
विनम्र उदारतापूर्वक
और दिल वाले
स्वीकारते रहते हों उसे
दर्द का निवास
होता तो सब जगह है
पर चीत्कार कुछ जगह
का ही करता है
सह जाते हैं
दर्द-ए-दिल भी
अंदर से पीडि़त होते हैं
पर बाहर से सहज
नजर आते हैं
तब ऐसा महसूस होता है कई बार
कि इस दिल में
दरियादिली से
मदिरा का दरिया बसता होगा
मदिरा में डूबे दिल में
दर्द का असर
भला कैसे होगा ?
बाहर बहे
तो अच्छा
न करे दिल का रुख
सबसे अच्छा
दिल का दर्द
दिल में दर्द
नहीं जानते हैं सिर्फ
दिल्ली में रहने वाले।
दिल का दर्द
उस प्रत्येक को होता है
जो रखता है अपने पास
एक अदद नेक दिल
पर जरूरी नहीं
प्रत्येक दिलधारक को
दिल के दौरे पड़ें ही।
हां, उसका दिल
बेदर्दी से बांटता रहा हो
दर्द-ए-दिल
बहुत मशरूफियत से सबको
विनम्र उदारतापूर्वक
और दिल वाले
स्वीकारते रहते हों उसे
दर्द का निवास
होता तो सब जगह है
पर चीत्कार कुछ जगह
का ही करता है
सह जाते हैं
दर्द-ए-दिल भी
अंदर से पीडि़त होते हैं
पर बाहर से सहज
नजर आते हैं
तब ऐसा महसूस होता है कई बार
कि इस दिल में
दरियादिली से
मदिरा का दरिया बसता होगा
मदिरा में डूबे दिल में
दर्द का असर
भला कैसे होगा ?


