लुटने से भी बचाएं और
सही प्रत्याशियों को दें
आओ इस पर करें विचार
सभी ब्लॉगर्स मिलकर
देखें आवाह्न मवार्क का।
जब भी होते हैं चुनाव
तो होती है बाध्यता
वोट देने की यानी
कह सकते हैं इसे
वोट लुटते देखने की
या तो न देकर ही
हो जाता है बेकार।
इस और ऐसे ही प्रश्नों पर मिलकर करें मंथन। करें चर्चा जिसमें नहीं होता है खर्चा। खर्चा होता है समय का। जिससे बनेंगे हमारे नेता ढंग के। राजनीति से बेढ़गापन हटेगा। भला इस पर विचार करने से कोई वोटर या ब्लॉगर क्यों डरेगा ?
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सही प्रत्याशियों को दें
आओ इस पर करें विचार
सभी ब्लॉगर्स मिलकर
देखें आवाह्न मवार्क का।
जब भी होते हैं चुनाव
तो होती है बाध्यता
वोट देने की यानी
कह सकते हैं इसे
वोट लुटते देखने की
या तो न देकर ही
हो जाता है बेकार।
इस और ऐसे ही प्रश्नों पर मिलकर करें मंथन। करें चर्चा जिसमें नहीं होता है खर्चा। खर्चा होता है समय का। जिससे बनेंगे हमारे नेता ढंग के। राजनीति से बेढ़गापन हटेगा। भला इस पर विचार करने से कोई वोटर या ब्लॉगर क्यों डरेगा ?


