'Save Your Voice' टीम दक्षिण भारत के दौरे पर

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  • उज्जैन, मेरठ और रोहतक के बाद सेव योर वायस की टीम अब दक्षिण भारत के दौरे पर है. इस क्रम में सेव योर वॉयस के प्रतिनिधि सबसे पहले कोच्चि पहुंचे और वहाँ लोकल ब्लॉगर्स और वेबसाइट ऑनर्स से वेब सेंसरशिप पर डिस्कशन किया. कोच्चि की लोकल वेबसाईट कोच्चि वाइब्स के प्रवीण और सिद्धार्थ ने भी माना कि वो खुद भी सेंसरशिप के खिलाफ कोच्चि में मुहिम छेड़ना चाहते थे और अब सेव योर वॉयस टीम के साथ जुडकर इस दिशा में कोच्चि के लोगों को जागरूक करेंगे.

    सेव योर वॉयस के प्रतिनिधि अलोक दीक्षित कोच्ची में चित्रकार दिनेश शिनॉय और बाल कृष्ण माल्या के साथ इंटरनेट सेंसरशिप पर चर्चा करते हुए. ( आर्ट गैलरी, पंडीकुड़ी ) 

    सेव योर वॉयस टीम ने कई स्थानीय कलाकारों और लेखकों से भी मुलाक़ात की और फ्री वॉयस के महत्व पर चर्चा की. चित्रकार बाल कृष्ण माल्या और दिनेश शिनॉय ने भी इन्टरनेट सेंसरशिप के खिलाफ इस अभियान से सहमति जताई और आश्वासन दिलाया कि वो केरल की आर्टिस्ट कम्युनिटी को साथ लेकर सेंसरशिप के खिलाफ इस लड़ाई में सहयोग करेंगे.

    केरल हाई कोर्ट में सेंसरशिप के खिलाफ पेटीशन दायर की :
     सेव योर वॉयस टीम से जुड़े केरल हाई कोर्ट के वकील शोजन जैकब ने सेंसरशिप के बेतुके नियमों के खिलाफ केरल हाई कोर्ट में एक मुकदमा भी दायर किया. शोजन जैकब पिछले काफी समय से इंटरनेट सेंसरशिप के मुद्दे पर काम कर रहे हैं और इस कानून की बारीकियों को अच्छी तरह समझते हैं. शोजन सेव योर वॉयस की ओर से कानूनी जिम्मेदारियां सम्हालेंगे. इस पेटिशन में भारत के आईटी कानून को चुनौती दी गयी है और सेंसरशिप कानून के अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक पहलुओं पर सरकार से जवाब मांगा गया है. भारत सरकार को आठ हफ़्तों के भीतर इस पेटीशन का जवाब देना है.

    और अब बैंगलूर मांग रहा है अभिव्यक्ति की आज़ादी: 
    कोच्चि के बाद सेव योर वॉयस टीम अब बैंगलूर में है और स्थानीय ब्लॉगर्स, राइटर्स और एक्टिविस्ट्स के साथ मिलकर सेंसरशिप के खिलाफ लोगों में जागरूकता और एकजुटता फैला रही है. बंगलूर में सेव योर वॉयस टीम ने सीनिअर जर्नलिस्ट और एक्टिविस्ट अशोक सामन्ना से मिलकर सेंसरशिप के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की. सामन्ना जी ने कर्नाटक के ग्रामीण क्षेत्रों में कम्प्यूटर एजुकेशन के लिए काफी प्रयास किये हैं. सेव योर वॉयस टीम ने बैंगलूर के जाने माने आरटीआई एक्टिविस्ट आनंद जी से भी मुलाक़ात की और इस बारे में चर्चा की कि कैसे आईटी एक्ट के रूल १६ का हवाला दे कर हमें आरटीआई के माध्यम से सेंसरशिप के मामलों में जानकारी देने से बचा जाता हैं.

    आनंदजी ने बताया कि वो पोलिटिकल डेमोक्रेसी के खिलाफ हैं और इकोनोमिकल डेमोक्रेसी के समर्थक हैं और उसे ही भारत की समस्याओं का परमानेंट सल्यूशन मानते हैं, आनंद जी ने आरटीआई के लिए छेड़े गए अरविन्द केजरीवाल के अभियान में बैंगलूर से सक्रिय योगदान दिया था. सेव योर वॉयस टीम ने एन. विजयशंकर जी के साथ भी एक मीटिंग की. विजयशंकर जी साइबर मामलों के एक्सपर्ट हैं और www.naavi.org नाम की वेब साईट चलाते हैं और सेंसरशिप के अलोकतांत्रिक तरीकों का सख्त विरोध करते हैं. इस क्रम में सेव योर वॉयस के प्रतिनिधियों नें बैंगलूर के लेखक और पत्रकार एडविन जॉन से भी सेंसरशिप के नियमों पर चर्चा की और एडविन ने खुद और अपने मित्रों के साथ मिलकर अभिव्यक्ति की आज़ादी की इस लड़ाई में पूरा साथ देने का भरोसा दिलाया.

    सेव योर वॉयस टीम ने बैंगलूर के एन्वायरमेंट जर्नलिस्ट नागेश हेगडे से भी सेंसरशिप के मुद्दे पर चर्चा की और उनके समर्थन के लिय अपील की. डीएनए के सीनिअर करेस्पोंडैंट हेमंत गैरोला ने अपनी और सेव योर वॉयस को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया. बिजनेस जर्नलिस्ट कार्तिक शर्मा से मुलाक़ात करके सेव योर वॉयस टीम ने जाना कि कैसे सेंसरशिप बिजनेस कम्युनिटी को प्रभावित कर रही है. बैंगलूर के चर्चित एनजीओ जनाग्रह के वीडियो इंचार्ज रेसिन जॉर्ज ने वीडियो के माध्यम से सेव योर वॉयस अभियान में योगदान देने का आश्वासन दिया.

    इन्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया (आईआईजेएनएम) में सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की आजादी पर पैनल डिस्कशन : 
    आईआईजेएनएम में फ्री स्पीच पर आयोजित डिस्कशन पैनल ( 03/03/12 )
    इस क्रम में सेव योर वॉयस टीम ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया में फ्री स्पीच पर आयोजित डिबेट में हिस्सा लिया जिसमे इमरान कुरैशी (साउथ इंडिया, टीवी टुडे नेटवर्क), के सुब्रमण्यम (एसोसिएट एडिटर, डेक्कन हेराल्ड), आदित्य सोंधी (सीनिअर लॉयर, कर्णाटक हाई कोर्ट), जेनेट रोड्रिग्स (ब्लूमबर्ग न्यूज़,  मुंबई) और के. दक्षिन्मूर्ती (एडिटोरियल कंसल्टेंट, द हिन्दू) आदि ने सेंसरशिप पर अपने विचार रखे. इस डिस्कशन में सेव योर वॉयस की ओर से आलोक दीक्षित ने सेंसरशिप के खिलाफ एक सशक्त अभियान की आवश्यकता बताते हुए सभी से इस लड़ाई में शामिल होकर सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने की अपील की. पैनल डिस्कशन में लगभग सभी लोग इस बात से सहमत दिखे कि इंटरनेट भारत में अभी अपने शुरुआती दौर में है और इसीलिये सरकार सेंसरशिप के कठोर नियम बनाकर इसकी शक्ति को नियंत्रित करना चाहती है.

    बैंगलूर की कम्यूनिटी मैग्जीन बैंगल्यूर्ड का समर्थन : 
    बैंगल्यूर्ड में सेव योर वाईस पर प्रकाशित आलेख

    बैंगलोर की कम्युनिटी मैगजीन बैंगल्यूर्ड के एडिटर प्रवीण नारायण, जिन्होंने अन्ना मूवमेंट में बैंगलूर में भ्रष्ट्राचार को अंगूठा नाम का अभियान चलाया था, खुलकर सेव योर वॉयस अभियान के साथ आ गए हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि बैंग्ल्यूर्ड मैग्जीन की पूरी टीम एकजुट होकर सेव योर वॉयस अभियान को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और शहर के युवा पत्रकारों को सेंसरशिप के खिलाफ इस अभियान से जोड़ने की कवायद को जारी रखेगी. बैंग्ल्यूर्ड का अगला अंक भी फ्रीडम ऑफ स्पीच पर केंद्रित होगा और सेव योर वॉयस अभियान से स्थानीय जनता को जोड़ने का प्रयास करेगा.

    2 टिप्‍पणियां:

    1. जरूरी है लंगड़ा बनकर दिखलाना
      जिससे अभिव्‍यक्ति पर सेंसरशिप
      लगाने वालों की टांगें टूट सकें।

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    2. सजी मँच पे चरफरी, चटक स्वाद की चाट |
      चटकारे ले लो तनिक, रविकर जोहे बाट ||

      बुधवारीय चर्चा-मँच
      charchamanch.blogspot.com

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
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