'व्‍यंग्‍य का शून्‍यकाल' की अब अगले सप्‍ताह से ई प्रति उपलब्‍ध होगी

मैं आगामी सप्‍ताह में ई बुक्‍स का रूप धर कर आ रही हूं आप सबसे मिलने




प्रकाशक मेरे तुझे होगा अपने प्रकाशक होने पर शकनित नई तकनीक देखकर अब निकलेगी तेरी चीखचिल्‍लाएगा अपने प्रकाशक बनने पर मातम बनाएगामुझे रोकना चाहता था मेरे सृजनहार से मिलने सेतू तो क्‍या कोई हिमायती भी तेरा रोक नहीं पाएगा।

5 टिप्‍पणियां:

  1. अरे बाप रे, प्रकाशक से इत्ता गुस्सा...!

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  2. गुस्सा करना सेहत के ली हानिकारक है,..बहुत२ बधाई...

    MY RESENT POST ...काव्यान्जलि ...:बसंती रंग छा गया,...

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  3. जय हो जय हो.
    गुस्सा भी शान्ति से हो.
    शानू जी की हलचल में 'अरुण' जी भी आप ही हो?

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