माँ पिता का पूजन दिवस

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  • Dev Ojha
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    1. तेरी आंखों में वो समन्दर मैंने देखा है
      इश्क में बरबादियों का मंजर मेंने देखा है
      जो प्रेम के गीत हमेषा गाते हैं
      उनके हाथेां में भी खंजर मैंने देखा है

      तुझपे मर मिटने वाला सिकन्दर मेंने देखा है
      तेरे दिल के बाहर और अन्दर मेंने देखा है
      नही है हरगिज तुझमें बेवफाई पर
      तुझे सुनाऐ है बेवफाई के मन्तर मैंने देखा है

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