ये है बड़े ब्लागरों की सच्चाई

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  • Kajal Kumar
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  •  यह स्नैपशाट 5.45 सुबह 2.1.2012 का है.

    ये है नवभारत टाइम्स के बड़े-बड़े ब्लागरों की सच्चाई. इन बड़े ब्लागरों की 10 में से केवल 3 पोस्टें ही पाठकों की पसंद के पैमाने पर खरी उतरी हैं जबकि दूसरे 'छोटे' ब्लागरों की 10 में से 7 पोस्टें पाठकों की पसंद के पैमाने पर कहीं ऊपर दिखाई दे रही हैं. आपको ज्ञात होगा कि नवभारत टाइम्स ने अपने ब्लागरों को दो श्रेणियों में बांट रखा है, इस बारे में अधिक जानकारी यहां है. 

    7 टिप्‍पणियां:

    1. ये बड़के-ब्लॉगर प्रिंट मीडिया को तो कब्जाए हैं ही,यहाँ भी जोर -शोर से प्रचारित किये जा रहे हैं.अविनाशजी ने हम जैसों को वहां पहुंचा दिया,नहीं तो हम जाते ही नहीं.मेरी रूचि तो ख़त्म हो गई है उनकी पालिसी देखकर !

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    2. हमने तो वहां ब्लॉग बनाया ही नहीं। गुगल बाबा जिंदाबाद

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    3. इस सच्चाई को देखते ही क्यों हो भाई !

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    4. हद है!!

      फिर भी, ये आधी जनता को तो मूर्ख बना ही लेंगे!

      इस तरह की मानसिकता रचनात्मक काम करने वालों को हतोत्साहित करती है।
      अच्छा है कि इस तरह की प्रवृत्ति को कम किया जाए .

      http://www.hbfint.blogspot.com/2012/01/24-happy-new-year-2012.html

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
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