सांपला चिट्ठाकार संगोष्‍ठी के बाद अमर उजाला में 26 दिसम्‍बर 2011 को प्रकाशित एक बहुत बड़ी खबर - हिमानी दीवान की कलम से

सोच रहे होंगे आप
कैसे मालूम हुआ इनको
आखिर अखबार वाले हैं
उजाले को अमर करते हैं

ब्‍लॉगवाणी की चर्चा
सांपला में हुई
सांप लाने से अधिक

चिट्ठे भी बनाए गए
चिट्ठियां पाने से ज्‍यादा
मालूम चला आपको
ब्‍लॉगिंग का फायदा

नहीं मालूम हुआ है अभी
फिर पढ़ लीजिए
ऊपर दी गई इमेज पर
करके क्लिक
हिमानी दीवान ने
जो दिया है सच लिख

इंतजार सबको है
हिन्‍दी चिट्ठाकारों का ।

6 टिप्‍पणियां:

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  2. ब्लॉग के दिन भी फिरेंगे
    ट्विटर और फेसबुक
    एक दिन औंधे मुंह गिरेंगे...

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  3. वो दिन आयेंगे जी आयेंगे
    जब ब्लॉग सभी को भायेंगे.....

    कलम घिसते-२ मेरे भैया सुमित प्रताप सिंह ("सुमित के तडके" वाले) बन गए हैं कलम घिस्सू और मैं उनकी छुटकी बहन उनसे प्रेरणा लेकर बनने चल दी हूँ कलम घिस्सी..... आशा है कि आप सभी का स्नेह और आशीष मेरे लेखन को मिलता रहेगा.....

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  4. ब्लोगिंग और ब्लोगर्स के लिए एक अच्छी खबर

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