हिन्‍दी दिवस पर हिन्‍दी में ही हंसना अच्‍छा लगता है

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  • अविनाश वाचस्पति
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  • हिन्‍दी की हंसी

    हम हिंदी की ताकत कम होने और उसका असर कम होने का रोना साल भर रोते हैं तथा आजादी के बाद से लगातार रो रहे हैंवो मुझे तो बिल्‍कुल ठीक नहीं लगता है। आप सरकारी फाईलों, प्राइवेट पत्र-व्‍यवहार कार्यकलापोंदुकानोंदफ्तरों के साइन बोर्ड हिंदी में करके कौन सी मंजिल को पाना चाह रहे हैं। इतने सारे हिंदी अखबारों और पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन होता है। आखिर वो सब बाद में रद्दी बनकर कबाड़ में ही तो जाती हैं और सरकारी फाईलों और दस्‍तावेजों का निपटान एक पूरी रस्‍म अदायगी और औपचारिकताओं के बीच उन्‍हें फूंक कर किया जाता है।
    अब आप चाह रहे हैं कि हिंदी में खूब काम होपुस्‍तकों का भी प्रकाशन हो और बाद में वे रद्दी के भाव बिकें या थोक खरीद के बाद लाईब्रेरियों में सड़ती रहें। तो इससे आप हिंदी समाज को क्‍या देना चाह रहे हैं और क्‍या दे पा रहे हैं। आप हिंदी में बोल रहे हैंबातचीत कर रहे हैं और आप यह जानते हैं कि हिंदी का सर्वाधिक प्रयोग बातचीत इत्‍यादि में खूब धड़ल्‍ले से किया जाता है और फिर उस बातचीत के कबाड़ में पहुंचने का खतरा भी नहीं रहता है। इस तरह से अनपढ़ और लिखना न जानने वाला भी हिंदी के समुचित विकास में सक्रिय सहयोग कर रहा है। आप उसके कार्यों और उसकी उपलब्धियों  और सक्रियता को किसी गिनती में नहीं गिन रहे हैं। आपको रेलोंहवाई जहाजोंसड़कदफ्तरों में सर्वाधिक प्रतिशत हिंदी में बात करने वालों का मिलता हैकभी कभार ही कुछ लोग अंग्रेजी में लड़ाई करते दिखलाई देते हैं लेकिन जब वे गाली गुच्‍चा करते हैं तो हिंदी का ही प्रयोग करते हैं। अंग्रेजी में गाली देने में वो बात ही नहीं है जो हिंदी में सहज ही आती है। फिर भी आप हिदी के प्रचार प्रसार को लेकर न जाने क्‍यों चिंतित हैं।
    आपने पुरस्‍कार बांटने हैं तो हिंदी में बातचीत करने वालों को एकदम मौके पर पकड़कर पुरस्‍कृत कर दीजिए। जैसे आप सिगरेट पीने अथवा ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के चालान करते हैं,, फिर देखिए आपका हिंदी के उत्‍थान में लगा पैसा हिंदी के विकास में किस बेतरह बढ़ोतरी करता है। आपके इस क्रांतिकारी कदम से उन पब्लिक स्‍कूलों में भी जागृति आएगी जिन्‍होंने हिंदी में बात करने को दंडनीय अपराध बनाकर रखा हुआ है। पुरस्‍कार और नकद पुरस्‍कार का लालच इंसान से जो न करवाए थोड़ा है और यह कदम हिंदी की बढ़ोतरी में सहायक होगा। कई नए नए कीर्तिमान बनेंगे। इसे भ्रष्‍टाचार भी नहीं कहा जा सकता क्‍योंकि यह तो भाषाई विकास के महत्‍वपूर्ण प्रयासों में शामिल किया जाएगा।
    इसी प्रकार कोई किसी से अंग्रेजी में बात करे और सामने वाला हिंदी में जवाब दे तो उसे विशेष तौर पर सम्‍मानित किया जाना चाहिए। जिससे अंग्रेजी बोलने वाले को अपनी मूर्खता का अहसास हो और अगली बार से वो भी हिंदी में बात करता मिले। इस बार हिंदी में बात करने की पहल भी उसी की ओर से की गई होगी। मैंने तो महसूस किया है कि इंसान अपनी बात सामने वाले तक पहुंचाने के लिए किसी भी भाषा में बात करे परंतु वे सदैव हंसते खिलखिलाते सदा हिंदी में ही नजर आते हैं। मुस्‍कराते भी सभी हिंदी में ही हैं और ऐसी मुस्‍कराहट बहुत भली लगती है। हंसना खिलखिलाना प्रफुल्‍लता इत्‍यादि हिंदी में ही होते हैं और अच्‍छे लगते हैं जबकि कोई उदास होरो रहा हो तो उसके चहरे से साफ झलक जाता है कि इसकी यह हरकत अंग्रेजी में हैउसके चेहरे से ऐसा ही बोध होता है।
    तो फिर एक हिंदी आंदोलन चलाने के लिए इस हिंदी दिवस पर संकल्‍प लीजिए कि भ्रष्‍टाचार मिटाने की तर्ज पर हिंदी अपनाने के लिए उपर्युक्‍त और अन्‍य कारगर उपायों पर चिंतन और अमल आज से ही सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय करना शुरू कर देंगे और हम सब अपने प्राणपण से इसमें भरपूर सहयोग देंगे।

    10 टिप्‍पणियां:

    1. हिन्‍दी दिवस की शुभकामनाओं के साथ ...
      इसकी प्रगति पथ के लिये रचनाओं का जन्‍म होता रहे ...

      आभार ।

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    2. हिन्दी दिवस पर ढेरो शुभ- कामनाएं!...हिन्दी में हंसने का मजा कुछ और ही है....हे,हे,हे,हे!

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    3. किसी भाषा को सीखने के चार पहलू हैं- लिखना, पढ़ना, बोलना और सुनना। हिन्‍दी को औपचारिक समारोहों में उलझाने की बजाय हम इन चार पहलुओं को अपनायें तो हिन्‍दी का प्रचार प्रसार अपने आप होता जायेगा।

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    4. हिंदी की जय बोल |
      मन की गांठे खोल ||

      विश्व-हाट में शीघ्र-
      बाजे बम-बम ढोल |

      सरस-सरलतम-मधुरिम
      जैसे चाहे तोल |

      जो भी सीखे हिंदी-
      घूमे वो भू-गोल |

      उन्नति गर चाहे बन्दा-
      ले जाये बिन मोल ||

      हिंदी की जय बोल |
      हिंदी की जय बोल

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    5. हिन्दी दिवस पर ढेरो शुभकामनायें ... हिन्दी में हँसना बहुत अच्छा लगा...

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    6. हर जगह प्रवचन हो रहा है आज। हम भी शामिल हैं इसमें।

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    7. निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
      बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय को शूल।।
      --
      हिन्दी दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

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    8. आपने सही कहा है ......हिंदी में हंसना काफी अच्छा लगा ,हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ

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    9. हिन्दी दिवस की शुभकामनाएँ. अच्छी रचना है.हिंदी में हंसना काफी अच्छा लगा.

      धन्यवाद!!

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
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