कविता वाचक्‍नवी जी का कल जन्‍मदिन, आज अक्षरम् सम्‍मान और दिल्‍ली ब्‍लॉगर मिलन समारोह में शिरकत करेंगी (अविनाश वाचस्‍पति)



आप जानते ही हैं
कविता वाचक्‍नवी जी
दिलवालों की नगरी में हैं
कल उनका जन्‍मदिन रहा
आज अक्षरम् आयोजित
8वें अंतरराष्‍ट्रीय हिन्‍दी उत्‍सव में
वे वेब पत्रकारिता पर
दोपहर दो बजे से आजाद भवन सभागार में
खूब सारी जानकारी देंगी।

शाम को वहीं आजाद भवन में
अक्षरम् सूचना प्रौद्योगिकी सम्‍मान
दिया जायेगा कविता जी को
उनकी सक्रियता के लिए।

उनकी सक्रियता को
सब सलाम करते हैं
कविता जी ने दिल्‍ली ब्‍लॉगर मिलन में
शिरकत करने की सहमति देकर
हम सब ब्‍लॉगरों का सम्‍मान किया है।

सम्‍मान करने वाले ही
हकदार होते हैं सभी सम्‍मान के
हम सब दिल से सम्‍मान करते हैं
कविता वाचक्‍नवी जी का
क्‍योंकि उनसे मिलना
वाकई मिलना होता है

मिलने में पाना ही होता है
कभी कोई खोता नहीं है
जानकारी का सोता यहीं है
चाहते हैं सब जो चाहें
पर होता वही है
जो होना होता है
सच्‍चाई यही है
यही सही है।

21 टिप्‍पणियां:

  1. कविता वाचक्‍नवी जी जी को उनके जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई ...उनसे मिलने की उत्सुकता है

    उत्तर देंहटाएं
  2. कविता जी को जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई। आशा है कि वैबपत्रिकारिता के बारे में वो जो जानकारी देगी उसका लाभ हम तक आप पहुंचायेगें। आप ने सही कहा
    उनसे मिलना
    वाकई मिलना होता है
    हमें भी इंतजार है उस घड़ी का जब हम उनसे मिल पायेगें

    उत्तर देंहटाएं
  3. जन्मदिन की बधाइयां।
    हम तो वापस भोपाल पहुंच गए हैं, वर्ना इस कार्यक्रम में जरूर आते।

    उत्तर देंहटाएं
  4. वाह,वाह! कविताजी को खूब सारी बधाइयां,मंगलकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  5. विश्‍वास है कि अनुराग अन्‍वेषी जी
    और पाखी पत्रिका से प्रतिभा कुशवाहा जी
    भी वहां पर सबकी मुलाकात होगी।

    उत्तर देंहटाएं
  6. उमेश पंत इसे पढ़ें तो अवश्‍य पहुंचें नई सोच ब्‍लॉग वाले।

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत दुःख और खेद के साथ कहना पड़ रहा है.... कि... मैं सोता रह गया और शताब्दी नहीं पकड़ पाया.... आठ बजे सो कर उठा हूँ..... जैसे ही उठा तो सबसे पहले झा जी और खुशदीप भैया को फोन कर के बताया... मेरा तो मूड ही ऑफ हो गया है.... बहुत मिलने कि तमन्ना थी.... एक महीने से तय्यारी में था.... कल रात खांसी हुई थी... और कफ सिरप पी लिया था.... लगता है कि उसी के असर से नींद नहीं खुल पाई.... अब आपसे मिलने के लिए मुझे अलग से आना पड़ेगा... बहुत तमन्ना थी आपसे मिलने की.... कविता जी को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं....

    मिलने में पाना ही होता है
    'पर मैं तो मिलने में ही खो दिया'
    कभी कोई खोता नहीं है
    जानकारी का सोता यहीं है
    'पर मैं तो सोता ही रह गया'
    चाहते हैं सब जो चाहें
    पर होता वही है
    जो होना होता है
    सच है, होता वही है जो होना होता है
    सच्‍चाई यही है
    यही सही है।
    वाकई में यही है ..

    उत्तर देंहटाएं
  8. कविता वाचक्‍नवी जी जी को उनके जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  9. @ महफूज अली


    बहाना नहीं सच्‍चाई

    और

    हम सच्‍चाई की कद्र करते हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  10. जन्मदिन पर बधाई. हमेशा स्वस्थ और सानन्द रहें.

    उत्तर देंहटाएं
  11. कविताजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  12. UNAKE JANMDIN ki SHUBHKAMNAYE<
    intjaar he aapki report ka jisame aaj ke din ki jaankaari hogi.

    उत्तर देंहटाएं
  13. दिल आया दिल के पास
    दुआओं की करे बरसात
    दीर्घ आयु -स्वास्थ की करूँ कामना
    गतिमान हो रही "मंजू "मनोभावना

    उत्तर देंहटाएं
  14. प्रिय अविनाश जी,बहुत इच्छा के वाबजूद नहीं आ सका.इसका अफ़सोस रहेगा .हमारे जो मित्र लोग ब्लाग के माध्यम से हिंदी और हिंदी के साहित्य को देश विदेश में प्रचारित कर रहे हैं वे निश्चित रूप से बधाई के पात्र हैं.आप इस काम को पूरी लगन से कर रहें हैं,इस लिए विशेष बधाई के हक़ दार हैं.
    कविता वाचकनवी को सबसे पहले उनके जन्म दिन की हार्दिक बधाई.अक्षरम से मिले पुरस्कार के लिए और भी बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  15. अविनाश जी,
    आपकी शुभकामनाओं का तो अम्बार समेट कर गद गद हूँ. आप के कारण इतने मित्रों के स्नेहाशीष भी मिल गए, जिन्होंने इस अवसर को और भी विशिष्ट बना दिया. सो सर्वप्रथम तो धन्यवाद आपका.... और साथ ही सभी मित्रों का भी हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए सभी के लिए मंगल कामनाएँ करती हूँ.

    उत्तर देंहटाएं

आपके आने के लिए धन्यवाद
लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

 
Copyright (c) 2009-2012. नुक्कड़ All Rights Reserved | Managed by: Shah Nawaz