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शनिवार, ४ जुलाई २००९

शराबियों की लेटा लाटी (अविनाश वाचस्‍पति)

हंसते रहो हंसाते रहो
http://hansterahohansateraho.blogspot.com/2009/07/blog-post_04.html
नुक्‍कड़ वाले भी वंचित न रहें

3 टिप्पणियाँ:

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

ha ha ha bahut hi majedaar .

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

भाई, इस लिंक को कापी कैसे करूं ? यहां तो ताला लगा है न त.

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

लिंक के उपर हंसते रहो हंसाते रहो जहां हिंदी में लिखा है वहां पर क्लिक करने से उपर एड्रेस बार में लिंक आ जाता है। अब यह तो बतलाने की जरूरत तो नहीं है कि वहां पर सलेक्‍ट करके कापी किया जाता है।

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