अभी एक पोस्ट पढ़ी रूबी सिन्हा की........तो ये ख्याल आया
आखिर कब तक ऐसा होगा?
आज जहाँ देखो वहाँ जिस मंदिर में देखो वहीँ हर जगह सिर्फ यही सुनने को मिलता है कि अमुक मंदिर में इतने किलो का मुकुट या इतने किलो की चेन चढ़ाई गयी .......
अगर जानना है क्या तो यहाँ देखिये-------http://ekprayas-vandana.blogspot.com


