प्रतिभा निखारने के लिए युवा महोत्सव सबसे बढिय़ा मंच: मितेश
-युवा महोत्सव में पहले दिन छाई हरियाणवी संस्कृति-
-४० से ज्यादा कालेजिज के प्रतिभागी देगें अपनी प्रस्तुति-
जगाधरी। युवा शक्ति देश का भविष्य है और युवा
महोत्सव ऐसा मंच है, जो उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान
करता है। उक्त शब्द एसपी मितेश जैन ने हिंदू गल्र्स कालेज में रविवार से
शुरू हुए ३४वें क्षेत्रीय युवा समारोह के दौरान उद्घाटन अवसर पर कहे।
समारोह की अध्यक्षता कालेज प्रिंसिपल डा. उज्ज्वल शर्मा ने की। यह समारोह
तीन दिनों तक आयोजित किया जाएगा। जिसमें ४० से ज्यादा कालेजिज के सैंकड़ोंं
प्रतिभागी २८ से ज्यादा विद्याओं में अपनी प्रस्तुति देकर कला का प्रदर्शन
करेंगे।
जैन
ने कहा कि युवा महोत्सव ऐसा मंच है, जहां पर युवा अपनी प्रतिभा को
बुलंदियों तक पहुंचा सकते हैं। कला व संस्कृति के बल पर हम देश में अपनी
पहचान बना सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने अंदर की
शक्ति को पहचाने और उसका सही दिशा में इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि देश
का युवा ऊर्जा से भरपूर है। बस जरुरत है, तो उस ऊर्जा का सही इस्तेमाल करने
की।
कालेज
प्र्रिंसिपल डा. उज्ज्वला शर्मा ने कहा कि युवा महोत्सव को सफल बनाने के
लिए कालेज परिसर में तीन स्टेज बनाए गए हैं। जिसमें इंद्रधनुष, झंकार व
सरगम शामिल है। उन्होंने बताया कि पहले दिन क्लासिकल डांस सोलो, ग्रुप डांस
जनरल, ग्रुप सांग हरियाणवी, ग्रुप सांग जनरल, क्लासिकल वोकल सोलो,
क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट सोलो नान परकसन, क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सोलो परकसन,
हरियाणवी डांस, हरियाणवी पॉप सांग, हरियाणवी स्किट, सांग, हरियाणवी फोक
सांग, हरियाणवी फोक सांग इंस्ट्रूमेंटल सोलो व हरियाणवी गजल की प्रस्तुति
दी गई।
उन्होंने कहा कि
कला और संस्कृति मानव ह्रदय को समृद्ध करते हैं। वर्तमान में युवाओं का
संस्कृति से भटकाव विशेष रुप से चिंतनीय है, ऐसे में युवा महोत्सव नई पीढ़ी
को कला संस्कृति से जोडक़र उन्हें नई दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा
कि युवा महोत्सव में होने वाली नाट्य कलाएं युवाओं की विचार दृष्टि को सही
दिशा देकर उनकी सोच को समाज सापेक्ष बनाती है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र
विश्वविद्यालय का युवा कल्याण एवं सांस्कृतिक विभाग पिछले कई दशकों से इस
उद्देश्य के निर्वहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
युवा महोत्सव के
पहले दिन हरियाणवी सांग में डीएवी गल्र्स कालेज की छात्राओं ने झुलण
चाल्यो री सखी बागों में झूले पड़ गए गीत प्रस्तुत कर खुब तालियां बटौरी।
ग्रुप सांग जनरल में डीएवी कालेज साढौरा की टीम ने ये कदम बढ़ाते रहे, तो
जिंदगी है, गर रूक गए तो फिर यहां कुछ नहीं गीत प्रस्तुत सभी को मंत्र
मुग्ध कर दिया। गुरु नानक खालसा कालेज की टीम ने वंदे मातरम, वंदे मातरम
दिल है वतन हमारा, आवाज का सितारा गीत प्रस्तुत किया। जिसकी सभी ने सराहना
की। डीएवी गल्र्स कालेज की टीम ने उज्ज्वल पावन देश हमारा गीत प्रस्तुत कर
खूब तालियां बटौरी। शास्त्रीय गायन में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम ने
विलंबित ख्याल, दरूत ख्याल तराना प्रस्तुत किया। जबकि जनरल डांस में डीएवी
गल्र्स कालेज की टीम ने राजस्थानी नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

हरियाणवी संस्कृति से रू-ब-रू हुए श्रोता-
यह हरियाणवी संस्कृति ही है, जो पूरे प्रदेश को
एकसूत्र में बांधे हुए हैं। युवा महोत्सव के पहले दिन श्रोताओं को हरियाणवी
संस्कृति से रू-ब -रू होने का अवसर मिला। कालेज परिसर मेें बनाए गए तीनों
स्टेजों पर हरियाणवी विद्याएं छाई रही। विभिन्न कालेजिज के कलाकारों द्वारा
प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों को देखकर हर किसी ने दांतों तले उंगलियां दबा
ली। इंद्रधनुष वैन्यु तो श्रोताओं से इतना खचाखच भरा हुआ था कि वहां पर
पांव रखने की भी जगह नहीं मिली। श्रोताओं ने दिल खोलकर कलाकारों का उत्साह
वर्धन किया। घंटों तक इंद्रधनुष वैन्यू तालियों की गडग़ड़ाहट से गुंंजता
रहा। पहले दिन जहां हरियाणवी डांस की धूम रही, वहीं कलाकारों ने ग्रुप सांग
हरियाणवी के जरिए भी अपने जलवे बिखेरे। पहले दिन हरियाणवी डांस सोलो पुरुष
व महिला, हरियाणवी पॉप सांग, हरियाणवी फोक सांग, हरियाणवी फोक
इंस्ट्रूमेंट्रूमेंट सोलो, हरियाणवी गजल, हरियाणवी स्किट, ग्रुप सांग
हरियाणवी की प्रस्तुति दी गई। श्रोता प्रमोद कुमार, सुमन, आर्यन, अभिनव व
आकाश का कहना है कि युवा महोत्सव ऐसा मंच है, जहां पर उन्हें अपनी संस्कृति
के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने का अवसर मिलता है। यहीं वजह है कि हर
कोई इस समारोह की ओर खुद-ब-खुद खिंचा चला आता है। श्रोता विक्रम, अनुभूति व
कार्तिक का कहना है कि हरियाणवी संस्कृति ने अपने दम पर दुनिया भर में अलग
पहचान बनाई है। एक समय वह भी था, जब हरियाणा की संस्कृति लुप्त हो रही थी,
लेकिन आज प्रदेश के कलाकारों की देश ही नहीं दुनिया में अगल पहचान है।
उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव के जरिए हम जहां अपनी संस्कृति से रू-ब-रू
होते हैं, वहीं हम ऐसे कलाकारों के संपर्क में आते हैं, जो प्रदेश के लिए
ही नहीं, अपितु देश के लिए काम कर रहे हैं।

इस प्रकार रहा परिणाम-
क्लासिकल डांस सोलो में डीएवी गल्र्स कालेज
यमुनानगर की टीम रिकमेंडिड, ग्रुप डांस जनरल में एमएलएन कालेज की टीम
रिकमेंडिड तथा खालसा कालेज यमुनानगर व डीएवी गल्र्स कालेज की टीम सयुक्त
रुप से कमेंडिड रही। ग्रुप सांग हरियाणवी में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम
रिकमेंडिड तथा हिंदू गल्र्स कालेज जगाधरी तथा एमएलएन कालेज यमुनानगर की टीम
संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। ग्रुप सांग जनरल में डीएवी गल्र्स कालेज की
टीम रिकमेंडिड तथा एमएलएन कालेज तथा डीएवी कालेज साढौरा की टीम संयुक्त रुप
से कमेंडिड रही। क्लासिकल वोकल सोलो में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम
रिकमेंडिड, जीएनजी कालेज तथा गुरु नानक खालसा कालेज की टीम संयुक्त रुप से
कमेंडिड रही। क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सोलो नान परकसन में जीएनजी कालेज की
टीम रिकमेंडिड तथा हिंदू गल्र्स कालेज जगाधरी तथा डीएवी गल्र्स कालेज
यमुनानगर की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सोलो
परकसन में एमएलएन कालेज यमुनानगर की टीम रिकमेंडिड तथा गुरु नानक खालसा
कालेज की टीम कमेंडिड रही।