यह मेरा पाँचवाँ उपन्यास है, जो कश्मीर के सामाजिक तानेबाने को समय के साथ ध्वस्त होने की कहानी बयान करता है। साथ ही कश्मीर के शर्मनाक और दहशतनाक ऐतिहासिक पहलूओं की गहन पड़ताल भी करता है। किस्सागोई शैली में लिखा गया यह उपन्यास आम पाठक के लिए काफी रोचक और पठनीय है। कश्मीर जैसे ज्वलंत विषय पर बिना किसी पूर्वाग्रह और बोझिल विश्लेषण से बचते हुए मैंने पुस्तक की जानकारियों को स्वाभाविक अंदाज में संप्रेषित किया है।
इन वेबसाइटों पर जाकर इस उपन्यास को खरीदा जा सकता है-
प्रकाशक की वेबसाईट-
https://notionpress.com/read/kashmir-370-kilometer
फ्लिपकार्ट पर-
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