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| इतना प्यारा तो होना चाहिए ब्लॉग |
शुभ मंगलकामनायें
पोस्टों पर टिप्पणी के
आश्वासन के साथ
अब आप मुक्त हैं
साल गया
बवाल कटा
आपने अब ब्लॉगर का
नहीं लिखना है नाम
सिर्फ ब्लॉग का
लिखें नाम
यूआरएल भी न दें
पर वो ब्लॉग होना चाहिये पसंदीदा
आपका ?
मेरा होता
तो मैं आपसे क्यों पूछता
नये साल की खूब सारी
प्यारी-प्यारी
स्नेहभरी
नेहपगी
आदरयुक्त
टिप्पणीदार
शुभकामनायें देकर
लौट जाता
आप आवाज लगाते
तब भी लौट कर न आता
आपको लगता
कि गये साल के साथ चला गया
जा तो रहा था
पर नये के साथ
लौट कर लौट आया
उसे गले लगाया
पहले से गला छुड़ाया
अब इससे गले मिल रहा हूं
जफ्फी पा रहा हूं
नई दिल्ली में
23 जनवरी 2011 को
एक ब्लॉगर मिलन/सम्मेलन
या कार्यशाला
करने का विचार है
जिसमें गर्म चाय का जिम्मा
दीपक बाबा जी का है
जो वे 13 नवम्बर 2010 की ठंडी चाय
के एवज में
करने का वायदा कर चुके हैं
अब यह नहीं मालूम
गर्म चाय पीने के लिए
उनके घर के आस पास ही न जाना पड़े
मुझे तो यह भी नहीं मालूम
उनका घर कहां है
धरती पर है
इतना पता है
वो धरती दिल्ली में है
पर दिल्ली
दिल की तरह खूब बड़ी है
खूब खुली है।
हो सकता है
आश्रम हो बाबा का
बाबा ब्लॉगरों के
कुछ टिप्पणीगुर तो
मिलेंगे ही।



