एक अधिसूचना जारी कर छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से पहले ही रद्द कर दी गईं हैं। सत्तानशीन पार्टी ने चुनावी हथकंडा बनाने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि अब चुनाव से पहले किसी भी सूरत में उन सिफारिशों को कतई लागू नहीं किया जायेगा जिनसे यह आभास हो कि सरकारी कर्मचारी अपना मत उन्हें दे सकते हैं।
एक जिम्मेदार असरकारी (है तो सरकारी पर जिसका असर अभी भी कायम है) अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर पिछली रात यह खुलासा किया है सरकारी कर्मचारी इस उम्मीद पर अपना मत उन्हें देने से नहीं पलटेंगे कि जो सिफारिशें अब लागू नहीं हुई हैं, वे सत्ता पार्टी के दोबारा सत्ता में आने पर ही लागू हो पायेंगी।
एक अनुमान के अनुसार इस अधिसूचना से महंगाई पर एकदम रोक लग गई है। बढ़ती हुई कीमतें एक चमत्कार की तरह रूक गई हैं बल्कि गिरना शुरू हो गई हैं। सब्जीमंडी के एक प्रवक्ता ने बतलाया है कि उन्होंने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एकमत से यह निर्णय लिया है कि वे किसी भी हालत में कोई भी सब्जी, फल इत्यादि पांच रुपये प्रतिकिलो से अधिक की दर पर नहीं बेचेंगे। इसी प्रकार मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में भारी गिरावट की घोषणा करते हुए अपने सभी वैरायटियों के दूध की दर पांच रुपये प्रतिलिटर तय कर दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि समानता के मद्देनजर यह भी फैसला लिया गया है कि दूध चाहे संपूर्ण मलाईयुक्त हो, टोंड हो, डबल टोंड हो - दरें एक ही रहेंगी।
विद्युत विभाग ने भी यह घोषणा की है कि वे अप्रैल और मई माह में बिजली का नि:शुल्क वितरण करेंगी। इसके लिए कंप्यूटर्स में यह प्रोग्रामिंग कर दी गई है कि वे अप्रैल और मई माह की खपत के लिए कोई भी बिल जनरेट न करें। इस साफ्टवेयर को इंटरनेट पर उपलब्ध कराया गया है जिससे इसे फ्री डाउनलोड कर किसी भी विभाग के द्वारा इस्तेमाल किया जा सकता है। आखिर इसमें भारत की जनता का हित छिपा हुआ है।
इसके अतिरिक्त सेंसेक्स में कल की भारी गिरावट को देखते हुए उन सभी सरकारी कर्मचारियों, जिन्होंने शेयरों में अपना धन निवेश कर रखा है, को सेंसेक्स गिरावट भत्ता एक हजार रुपये प्रति गिरावट तय किया गया है। जिन दिनों भी सेंसेक्स में गिरावट आयेगी, उस एक दिन में कर्मचारियों को एक हजार रुपये का सेंसेक्स गिरावट भत्ता प्रदान किया जायेगा।
इस खबर के आने के बाद से सभी सरकारी और असरकारी बैंकों में डीमैट खाता खोलने वालों के हजारों आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। परन्तु पता चला है कि सरकारी बैंक पहले तो अपने डीमैट खाते खोलने में व्यस्त हैं ताकि वे दिनोंदिन हो रही सेंसेक्स की गिरावट का लाभ उठाने से चूक न जायें और सेंसेक्स गिरावट भत्ता पा सकें।
कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए और छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के रद्द होने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सभी कर्मचारियों के लिए शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाशों में कार्यालय आना अनिवार्य कर दिया है और इन दिनों के लिए उन्हें एक हजार रुपये प्रति अवकाश की दर से समान रुप से भुगतान किया जायेगा।
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