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पानी से चलेंगे स्‍कूटर और कार : असली जाम के लिए अब हो जाइए तैयार

पेट्रोल को मारेंगे गोली
तो आग लग जाएगी
पहले भी लगती रही है

पानी में नहीं भी मारेंगे
तो चल जाएगी
कार ही क्‍यों
खुश हो जाएंगे स्‍कूटर सवार

पानी की असली कीमत
अब वसूली जाएगी
सरकार पानी पर
1000 प्रतिशत टैक्‍स 
जरूर लगाएगी

पानी ही होगा जिम्‍मेदार
सड़कों पर जाम के लिए
होगा परेशान जल्‍दी
आदमी जाम से

पानी से ही जलाएगा दिए
दीवाली पर
पानी से ही भिगोएगा
होली पर

पेटेंट हो चुका है
आपको क्‍या अभी भी मामला
खटाई में दिखेला है

बिल्‍कुल खटाई नहीं है
बात यह सच्‍ची है
सबके लिए अच्‍छी है

पर सरकार अब करेगी कमाई
खूब पानी बेचेगी भाई
पहले ही दिल्‍ली सरकार
पानी को निजी हाथों में
सौंप रही है
थमा रही है
उनके हाथों में मलाई

मलाई वे अब पानी से उतारेंगे
सड़कों पर जाम की फसल
कैसे लहलहाती है
अब सब देखेंगे।

पर यह जानने मानने के लिए
पहले इमेज पर क्लिक करके
पूरी खबर अवश्‍य पढ़ लीजिएगा

और हां पानी से चलायेंगे कार
स्‍कूटर
फिर टिप्‍पणी देने में भी
कैसी कंजूसी
कर दो कर दो
उ ला ला ऊह लाला
चाहे टिप्‍पणी जरा सी

सन्‍नी लियोन को बनायेंगे
इस पानी का ब्रांड एम्‍बेसडर
अब तो नहीं है आपको
पानी के बिकने का भी डर
हो जाओ निडर।
जन जन को दे रहा है यह संदेश, लखनऊ से प्रकाशित होने वाला जनसंदेश टाइम्‍स
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सरकारी कर्मचारी इसे अवश्‍य पढ़ें - छठे वेतन आयोग की सिफारिशें रद्द कर दी गईं

एक अधिसूचना जारी कर छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से पहले ही रद्द कर दी गईं हैं। सत्‍तानशीन पार्टी ने चुनावी हथकंडा बनाने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए स्‍पष्‍ट किया है कि अब चुनाव से पहले किसी भी सूरत में उन सिफारिशों को कतई लागू नहीं किया जायेगा जिनसे यह आभास हो कि सरकारी कर्मचारी अपना मत उन्‍हें दे सकते हैं।

एक जिम्‍मेदार असरकारी (है तो सरकारी पर जिसका असर अभी भी कायम है) अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर पिछली रात यह खुलासा किया है सरकारी कर्मचारी इस उम्‍मीद पर अपना मत उन्‍हें देने से नहीं पलटेंगे कि जो सिफारिशें अब लागू नहीं हुई हैं, वे सत्‍ता पार्टी के दोबारा सत्‍ता में आने पर ही लागू हो पायेंगी।

एक अनुमान के अनुसार इस अधिसूचना से महंगाई पर एकदम रोक लग गई है। बढ़ती हुई कीमतें एक चमत्‍कार की तरह रूक गई हैं बल्कि गिरना शुरू हो गई हैं। सब्‍जीमंडी के एक प्रवक्‍ता ने बतलाया है कि उन्‍होंने कर्मचारियों के हितों को ध्‍यान में रखते हुए एकमत से यह निर्णय लिया है कि वे किसी भी हालत में कोई भी सब्‍जी, फल इत्‍यादि पांच रुपये प्रतिकिलो से अधिक की दर पर नहीं बेचेंगे। इसी प्रकार मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में भारी गिरावट की घोषणा करते हुए अपने सभी वैरायटियों के दूध की दर पांच रुपये प्रतिलि‍टर तय कर दी है। उन्‍होंने यह भी कहा है कि समानता के मद्देनजर यह भी फैसला लिया गया है कि दूध चाहे संपूर्ण मलाईयुक्‍त हो, टोंड हो, डबल टोंड हो - दरें एक ही रहेंगी।

विद्युत विभाग ने भी यह घोषणा की है कि वे अप्रैल और मई माह में बिजली का नि:शुल्‍क वितरण करेंगी। इसके लिए कंप्‍यूटर्स में यह प्रोग्रामिंग कर दी गई है कि वे अप्रैल और मई माह की खपत के लिए कोई भी बिल जनरेट न करें। इस साफ्टवेयर को इंटरनेट पर उपलब्‍ध कराया गया है जिससे इसे फ्री डाउनलोड कर किसी भी विभाग के द्वारा इस्‍तेमाल किया जा सकता है। आखिर इसमें भारत की जनता का हित छिपा हुआ है।

इसके अतिरिक्‍त सेंसेक्‍स में कल की भारी गिरावट को देखते हुए उन सभी सरकारी कर्मचारियों, जिन्‍होंने शेयरों में अपना धन निवेश कर रखा है, को सेंसेक्‍स गिरावट भत्‍ता एक हजार रुपये प्रति गिरावट तय किया गया है। जिन दिनों भी सेंसेक्‍स में गिरावट आयेगी, उस एक दिन में कर्मचारियों को एक हजार रुपये का सेंसेक्‍स गिरावट भत्‍ता प्रदान किया जायेगा।

इस खबर के आने के बाद से सभी सरकारी और असरकारी बैंकों में डीमैट खाता खोलने वालों के हजारों आवेदन प्राप्‍त हो रहे हैं। परन्‍तु पता चला है कि सरकारी बैंक पहले तो अपने डीमैट खाते खोलने में व्‍यस्‍त हैं ताकि वे दिनोंदिन हो रही सेंसेक्‍स की गिरावट का लाभ उठाने से चूक न जायें और सेंसेक्‍स गिरावट भत्‍ता पा सकें।

कर्मचारियों के हितों को ध्‍यान में रखते हुए और छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के रद्द होने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सभी कर्मचारियों के लिए शनिवार और रविवार के साप्‍ताहिक अवकाशों में कार्यालय आना अनिवार्य कर दिया है और इन दिनों के लिए उन्‍हें एक हजार रुपये प्रति अवकाश की दर से समान रुप से भुगतान किया जायेगा।
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वाह क्‍या पानी है यह तो शीला की राजधानी है


पानी की कहानी आजकल
बहुत गुल खिला रही है
पहले होती थी बिजली गुल
अब हो रहा है पानी गुल

कह रही है दिल्‍ली की बुलबुल

बुलबुल को पहचानो
पर पहले जरा इस चित्र
पर तो नजर डालो
यह पानी का फव्‍वारा नहीं है
पानी की बरबादी का नजारा है

दिल्‍ली जल बोर्ड वैसे तो
खूब विज्ञापन लगा रहा है
पानी की जगह पैसे खूब
बहा रहा है पर पानी नहीं
बचा पा रहा है।

वहां बूंद बचाता है
इधर कई सौ गैलन
व्‍यर्थ बहा चला जाता है.
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