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एनबीटी के सौजन्‍य से दिल्‍ली पुस्‍तक मेले के हॉल नंबर 18 में लेखक मंच के अंतर्गत सायं 6 से 7 तक व्‍यंग्‍य पाठ

एनबीटी के सौजन्‍य से दिल्‍ली पुस्‍तक मेले के हॉल नंबर 18 में लेखक मंच के अंतर्गत सायं 6 से 7 तक व्‍यंग्‍य पाठ में निम्‍नलिखित रचनाकारों को सुनने का मौका मत गंवाइयेगा। आइएगा सुनिएगा और मंद मंद मुस्‍कराइएगा, चाहें तो ठहाके लगाइएगा :

सर्व/श्री डॉ. शेरजंग गर्ग
प्रदीप पंत
सूरज प्रकाश
दिविक रमेश
गिरीश पंकज
सुशील सिद्धार्थ
श्‍याम सखा श्‍याम
अनिल जोशी
लालित्‍य ललित
सुभाष चंदर
अविनाश वाचस्‍पति
गिरिराजशरण अग्रवाल
पी के शर्मा
अर्चना चतुर्वेदी

आप सभी सादर आमंत्रित हैं। यहां पहुंचने के लिए यातायात के समस्‍त साधन उपलब्‍ध हैं। आप हवाई जहाज से उड़कर पैदल चलकर शामिल हो सकते हैं।
 
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हिंदीप्रेमियों पुस्‍तक मेले में रायता मत फैलाओ वरना बिखर जाएंगे हम सब (कविता)


पुस्‍तक मेले में
पुस्‍तकें मिलें
अथवा न मिलें
इंसानों का मिलना
बहुत ज़रूरी है

इसी से फैलती है
इंसानियत
इसे फैलाने के लिए
सच्‍चा और ईमानदार
इंसान ही
करता है कोशिश

किसी बेईमान ने
ईमानदारी से भी
गर की है कोशिश
बिखर गया है
चारों ओर रायता

रायता यह विचारों
का नहीं है
रायता दही का
भी नहीं है
और
दूध से कभी
नहीं बनाया
जाता रायता

क्‍या आपको
कुछ है पता
कि कौन सा है रायता
किस चीज का है
रायता

बस किसी भी
रायते को
फैलने और
फैलाने से रोकना

हिन्‍दी वालों की
जिम्‍मेदारी है
और वे ही
पूरी तन्‍मयता से
इस रायते को
फैलाने से
नहीं आ रहे हैं
बाज

यह बाज नहीं है पक्षी
यह बाजी मारने की कला है
जिसमें फंसा प्रत्‍येक
हिंदी प्रेमी का गला है।
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दिल्‍ली पुस्‍तक मेले में पप्‍पू (अविनाश वाचस्‍पति)


दिल्‍ली पुस्‍तक मेले में
कल घूम रहा था पप्‍पू
एक प्रख्‍यात प्रकाशक के
स्‍टॉल पर एक विक्रेता ने
पप्‍पू को पहचान लिया
और बोला
यह पुस्‍तक ले जाइए
एक बार पढ़ना शुरू करेंगे
तो दिन का चैन और
रातों की नींद उड़ जाएगी ?

पप्‍पू ने तुरंत दिया धन्‍यवाद
मुझे ऐसी किसी पुस्‍तक की
कोई जरूरत नहीं है महाशय
मैं शादीशुदा हूं।

अब आपको बतलाना है
विक्रेता ने पप्‍पू को
जो पुस्‍तक खरीदने की
दी थी सलाह
उसका नाम था क्‍या ?
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