कोई भी हिन्दी ब्लॉग बनाए
टंकी पर चढ़ने से बच जाए
पॉसीबल नहीं है
पासीबल तो
भ्रष्टाचार मिटाना भी नहीं है
पेट्रोल के रेट घटाना भी नहीं है
पर 'अन्ना हमारे'
टंकी पर जल्दी चढ़ गए
ब्लॉग मिटाने में जुट गए
भ्रष्टाचार मिटाने आए
ब्लॉग बंद करके खुश हो गए
खुद नहीं पोस्ट लगाते हैं
ऐसा ही होता है
ब्लॉग पर कौन सी जगह पर
हम भी जानें, हस्ताक्षर होता है

पर हम क्यों विवाद में पड़ रहे हैं
न्यू मीडिया पर नई पुस्तक
दि संडे इंडियन में आई है समीक्षा
पढ़ते हैं उसे इमेज पर क्लिक करके
और पुस्तक मंगवा कर सारे हिंदी ब्लॉगर
गहन अध्ययन मनन चिंतन कर रहे हैं
जो भी पुस्तक खरीदना चाहें
वे nukkadh@gmail.com पर तुरंत मेल भिजवाएं
अद्यतन की हुई पूरी जानकारी पाएं।



