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प्राप्ति और प्रतीति

परिंदों,
तुम् आज़ाद हो,
उड़ो,
ऊँचे
और ऊँचे,
जहाँ
सफलता का दृश्य,
बाट जोहता है।
जहाँ से कोई योगी,
पहले पहल सोचता है ?
इस आव्हान का असर,
एक पाखी ने फड़फड़ाए पर,
टकराकर, जाने किस से -गिर गया -!
विस्तृत बयाबान में....!,
तब
से अब तक
हम,आप और !!
ताड़ के पत्तों से,

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0.082 पैसा प्रतिदिन की दर से खुशियां बांटते है आपस में



क़दीम कस्बों में कैसा सुक़ून होता है 
थके थकाए हमारे बुज़ुर्ग सोते हैं...!!
साभार: सदभावना-दर्पण
 पेशनर एसोसिएशन
के अध्यक्ष
श्री एल.एल. रजक
सेवा निवृत्त रेल-गार्ड

          बेशक़  बुज़ुर्गों के हालात को बयां करताबशीरबद्र साहब का ये शेर से शुरु होती है पेंशन याफ़्ता बुज़ुर्गों की आज़ की दास्तां परसाई जी वाले भोला राम के जीव की क्रांतिकारी दास्तां हो..ऐसा नहीं है..


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अविनाश वाचस्‍पति से गिरीश बिल्‍लौरे 'मुकुल' जी का वीडियोकास्‍ट


जी हां
वीडियोकास्‍ट
पॉडकॉस्‍ट आप सुनते रहे हैं

पॉडकॉस्‍ट और
वीडियोकास्‍ट के प्रयोग
हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग में
करने का श्रेय
भाई गिरीश बिल्‍लौरे 'मुकुल'
जी को जाता है

आप इसमें चर्चित हिन्‍दी ब्‍लॉगर
अविनाश वाचस्‍पति जी को
सुन सकते हैं
देख सकते हैं
और अपनी प्रतिक्रियाएं दे सकते हैं

इस नई विधा
और भी नई विधाओं से
हिन्‍दी का जुड़ना
हिन्‍दी को जन मन में
बसा रहा है।
सुनने के लिए यहां क्लिक कीजिए
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