दो कवियों की मोबाइल फोन से की गई संदेशीय लिखचीत को सार्वजनिक किया जा रहा है। समझा जा रहा है, यह गोपनीय जानकारी विकिलीक्स से लीक हुई है।
बातचीत को नीचे पेश किया जा रहा है
आप आनंद लीजिए और पहचान सकें
तो अवश्य पहचानिए भागीदारों को
या जिनका संदर्भ इसमें है :-
कवि नंबर 1
कल फरीदाबाद में कविता पाठ करने चलेंगे
कवि नंबर 2
कितने नोट मिलेंगे
कवि नंबर 1
एनजीओ का प्रोग्राम है
नोटों का मैंने मना कर दिया है
कवि नंबर 2
बीमारी में कैसे जा सकता हूं
बिना नोटों के अपनी जान, कैसे दांव पर लगा सकता हूं
कवि नंबर 1
रही बात बीमारी की तब तो ठीक है
लेकिन धन के लिए दूषित मन मत करना
कवि नंबर 2
धन के न मिलने से भी भला कोई बड़ी बीमारी है
दिग्गजों ने तो इसके इलाज में अपनी ईमानदारी भी लगा दी है
कवि नंबर 1
दिग्गजों की रीत मत अपनाना
उनकी बातों में कभी न आना
उन्हें पता है कि दो गज ही चाहिए जमीन
फिर भी धन के लोभ में बन जाते हैं कमीन
कवि नंबर 2
उसी जमीन में तो ईंटें लगानी हैं
मजबूत मरने वाली जमीन बनानी है
न होता शब्द अगर मीन
तो सोचो कैसे बनता शब्द कमीन
कवि नंबर 1
चलिए आप करना कवि सम्मेलन धनयुक्त
अपन तो फिलहाल जा रहे हैं बिल्कुल मुफ्त
कवि नंबर 2
आपने उठा लिया इतना लुत्फ
ये भी नहीं हैं मुफ्त
कीमत बतलाओ इसकी और पाओ भरपूर गिफ्ट
कवि नंबर 1
लुत्फ लेते हैं हम तो संदेशों से बिल्कुल मुफ्त
कवि नंबर 2
बिना पैसों के तो संदेश भी नहीं जाते
क्या एसएमएस के लिए पैक रिचार्ज नहीं कराते
इसके बाद क्या हुआ, इस बारे में कवियों की सरकार जानकारी हासिल करने में जुट गई है। शीघ्र ही दिल्ली हाईकोर्ट में हुए बम से बड़ा धमाका कविता संसार में हो सकता है।
बातचीत को नीचे पेश किया जा रहा है
आप आनंद लीजिए और पहचान सकें
तो अवश्य पहचानिए भागीदारों को
या जिनका संदर्भ इसमें है :-
कवि नंबर 1
कल फरीदाबाद में कविता पाठ करने चलेंगे
कवि नंबर 2
कितने नोट मिलेंगे
कवि नंबर 1
एनजीओ का प्रोग्राम है
नोटों का मैंने मना कर दिया है
कवि नंबर 2
बीमारी में कैसे जा सकता हूं
बिना नोटों के अपनी जान, कैसे दांव पर लगा सकता हूं
कवि नंबर 1
रही बात बीमारी की तब तो ठीक है
लेकिन धन के लिए दूषित मन मत करना
कवि नंबर 2
धन के न मिलने से भी भला कोई बड़ी बीमारी है
दिग्गजों ने तो इसके इलाज में अपनी ईमानदारी भी लगा दी है
कवि नंबर 1
दिग्गजों की रीत मत अपनाना
उनकी बातों में कभी न आना
उन्हें पता है कि दो गज ही चाहिए जमीन
फिर भी धन के लोभ में बन जाते हैं कमीन
कवि नंबर 2
उसी जमीन में तो ईंटें लगानी हैं
मजबूत मरने वाली जमीन बनानी है
न होता शब्द अगर मीन
तो सोचो कैसे बनता शब्द कमीन
कवि नंबर 1
चलिए आप करना कवि सम्मेलन धनयुक्त
अपन तो फिलहाल जा रहे हैं बिल्कुल मुफ्त
कवि नंबर 2
आपने उठा लिया इतना लुत्फ
ये भी नहीं हैं मुफ्त
कीमत बतलाओ इसकी और पाओ भरपूर गिफ्ट
कवि नंबर 1
लुत्फ लेते हैं हम तो संदेशों से बिल्कुल मुफ्त
कवि नंबर 2
बिना पैसों के तो संदेश भी नहीं जाते
क्या एसएमएस के लिए पैक रिचार्ज नहीं कराते
इसके बाद क्या हुआ, इस बारे में कवियों की सरकार जानकारी हासिल करने में जुट गई है। शीघ्र ही दिल्ली हाईकोर्ट में हुए बम से बड़ा धमाका कविता संसार में हो सकता है।










