अपने ब्लॉग का मोह छूटता नहीं है और छूटना भी नहीं चाहिए। रचनाएं और ब्लॉग तो संतान की तरह हैं। वे लेखकों को सदैव प्रिय रहे हैं। अपनी प्रियता के साथ सभी यह भी इच्छा रखते हैं कि उनका ब्लॉग और रचनाएं सभी पाठकों और ब्लॉगरों को भाएं। इसी के चलते वे अपनी रचनाओं को अपने ब्लॉग पर प्रकाशित करने के साथ ही अन्य सामूहिक ब्लॉगों, जिनसे वे जुड़े हैं, पर भी प्रकाशित कर देते हैं।
अब से यह तय किया गया है कि नुक्कड़ पर आप सिर्फ वे रचनाएं ही प्रकाशित/पोस्ट करें जो कि किसी भी ब्लॉग पर अप्रकाशित और अप्रसारित हों। नुक्कड़ पर प्रकाशित रचनाओं का प्रकाशन यदि आप अपने ब्लॉग पर या अन्य किसी ब्लॉग पर करना चाहते हों तो अवश्य करें परन्तु एक सप्ताह बाद ही।
आप अपने ब्लॉग पर लगाई गई पोस्ट की तीन या चार महत्वपूर्ण पंक्तियां नुक्कड़ पर प्रकाशित कर पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए अपने ब्लॉग का लिंक तो दे सकते हैं परन्तु इस स्थिति में नुक्कड़ की पोस्ट के टिप्पणी बॉक्स को अवश्य बंद कर दें। इस प्रकार की गई पोस्ट उसी समय आपके ब्लॉग पर लगाई गई हो न कि आप अपने ब्लॉग पर पहले से प्रकाशित पुरानी पोस्टों के लिंक नुक्कड़ की नई पोस्टों के तौर पर जारी करना आरंभ कर दें।
विश्वास है कि आप इसे अन्यथा नहीं लेंगे और पूर्ववत् सहयोग बनाए रखेंगे। इस संबंध में यदि आपके पास कोई सुझाव हैं तो वे आप इस पोस्ट के टिप्पणी बॉक्स में दे सकते हैं।
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अब से यह तय किया गया है कि नुक्कड़ पर आप सिर्फ वे रचनाएं ही प्रकाशित/पोस्ट करें जो कि किसी भी ब्लॉग पर अप्रकाशित और अप्रसारित हों। नुक्कड़ पर प्रकाशित रचनाओं का प्रकाशन यदि आप अपने ब्लॉग पर या अन्य किसी ब्लॉग पर करना चाहते हों तो अवश्य करें परन्तु एक सप्ताह बाद ही।
आप अपने ब्लॉग पर लगाई गई पोस्ट की तीन या चार महत्वपूर्ण पंक्तियां नुक्कड़ पर प्रकाशित कर पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए अपने ब्लॉग का लिंक तो दे सकते हैं परन्तु इस स्थिति में नुक्कड़ की पोस्ट के टिप्पणी बॉक्स को अवश्य बंद कर दें। इस प्रकार की गई पोस्ट उसी समय आपके ब्लॉग पर लगाई गई हो न कि आप अपने ब्लॉग पर पहले से प्रकाशित पुरानी पोस्टों के लिंक नुक्कड़ की नई पोस्टों के तौर पर जारी करना आरंभ कर दें।
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