इस ई मेल के मिलने पर मुझे आश्चर्य हुआ क्योंकि मैंने किसी को यह मेल नहीं भेजी है और स्वयं को किसलिए भेजूंगा। देखा तो itimes से जुड़ने के लिए मैंने ई मेल भेजकर अनुरोध किया है। आप सबको बतलाना चाहता हूं कि न तो मैं इससे जुड़ा हूं और न ही इससे जुड़ने की सिफारिश ही कर रहा हूं। फिर क्या हो रहा है यह। मैं खुद नहीं समझ पा रहा हूं। आप सावधान रहें और सबको सावधान करें। यह भी हो सकता है कि आज मेरे नाम से यह ई मेल भेजा गया है, कल आपके नाम से यह ई मेल भेजा जाए। इस प्रकार यह सिलसिला चलता रहेगा।
फिर एक एक करके हम सब इसके चंगुल में अपने मित्रों का निवेदन जानकर जुड़ते जायेंगे और ऐसे ग्रुप सफल हो जाएंगे अपनी मंशा में। अब पता नहीं इनकी मंशा कैसी होगी, अगर अच्छी भली होती तो यह इस तरीके को किसलिए अपनाते। खुद ही अपना अनुरोध भेजते। जिसको पसंद आता वे जुड़ जाते जिन्हें नहीं पसंद आता नहीं जुड़ते। पर वे इस प्रकार के तरीके अपना रहे हैं। जो नि:संदेह गलत है।
इमेज पर क्लिक करके सच्चाई जानें।
आप क्या समझते हैं कि यह तरीका सही है ?
बिना जाने, बिना अनुमति के नाम का प्रयोग करना .....


