बटोर लें
बांट दें
सभी
कामनायें
आनंद देती हैं।
पोस्ट तो लिखें
पर टिप्पणी न दें
समय बहुत कम है
आंकड़े देखकर
रीडरशिप के
खुश हो लेंगे।
शुभकामनायें होती हैं
तभी शुभ जब
बेरोकटोक पहुंचती हैं।
पसंद भी न चटकायें
पोस्ट भी न खोलें
सिर्फ नजर घुमायें
शुभ हो जायें।
आपका देखना
सिर्फ देखना भर
मन में संतोष
भर देता है
टिप्पणी न देखकर
जिसे आये रोष
वो मैं नहीं
कोई और होता है ?
मुझे तो पड़ोसी की
खुशी में खुशी
और दुख में दुख
होता है
और
मेरे पड़ोसी के
बारे में
पड़ोसी ही जाने।
अन्य ब्लॉग पर
देख टिप्पणी
अपने ब्लॉग पर
होने का सुकून
मिलता है।
पर नहीं दे पाता हूं
टिप्पणी जब
तब मुझे दुख
जरूर होता है
पर समय
मजबूर होता है
कम होता है
वैसे पोस्ट में तो
सभी की ही
खूब दम होता है।
स्वीकार लें
मेरी शुभकामनायें
जो आपकी पोस्टों पर
पसंद के तौर पर
बेपढ़े ही चटकाई
जा चुकी है।
Read More...
बांट दें
सभी
कामनायें
आनंद देती हैं।
पोस्ट तो लिखें
पर टिप्पणी न दें
समय बहुत कम है
आंकड़े देखकर
रीडरशिप के
खुश हो लेंगे।
शुभकामनायें होती हैं
तभी शुभ जब
बेरोकटोक पहुंचती हैं।
पसंद भी न चटकायें
पोस्ट भी न खोलें
सिर्फ नजर घुमायें
शुभ हो जायें।
आपका देखना
सिर्फ देखना भर
मन में संतोष
भर देता है
टिप्पणी न देखकर
जिसे आये रोष
वो मैं नहीं
कोई और होता है ?
मुझे तो पड़ोसी की
खुशी में खुशी
और दुख में दुख
होता है
और
मेरे पड़ोसी के
बारे में
पड़ोसी ही जाने।
अन्य ब्लॉग पर
देख टिप्पणी
अपने ब्लॉग पर
होने का सुकून
मिलता है।
पर नहीं दे पाता हूं
टिप्पणी जब
तब मुझे दुख
जरूर होता है
पर समय
मजबूर होता है
कम होता है
वैसे पोस्ट में तो
सभी की ही
खूब दम होता है।
स्वीकार लें
मेरी शुभकामनायें
जो आपकी पोस्टों पर
पसंद के तौर पर
बेपढ़े ही चटकाई
जा चुकी है।


