एक मोहन दास
दूसरे मन के मोहन
पहले कर्म चंद
दूसरे के कर्म मंद
एक हैं मौन
एक को किया गया मौन
एक हैं राष्ट्रपिता
दूसरे ... ?
राज करने वाले नेता
एक है आज
दूसरे थे कल
पहले हैं जन जन के मन में
दूसरे संसद के प्रांगण में।
वैसे तो लाल बहादुर भी हैं
पर उनकी याद आती नहीं
लाई जाती है
ऐसी स्थिति सबके मन में
न जाने क्यों पाई जाती है
जय जवान
जय किसान
पर आज का नारा है
जय अमीर
जय गरीब
दूसरे मन के मोहन
पहले कर्म चंद
दूसरे के कर्म मंद
एक हैं मौन
एक को किया गया मौन
एक हैं राष्ट्रपिता
दूसरे ... ?
राज करने वाले नेता
एक है आज
दूसरे थे कल
पहले हैं जन जन के मन में
दूसरे संसद के प्रांगण में।
वैसे तो लाल बहादुर भी हैं
पर उनकी याद आती नहीं
लाई जाती है
ऐसी स्थिति सबके मन में
न जाने क्यों पाई जाती है
जय जवान
जय किसान
पर आज का नारा है
जय अमीर
जय गरीब



