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अन्‍ना हमारे हम अन्‍ना के : भ्रष्‍टाचार अन्‍न खा गया रे (कविता)


इतना भी अहिंसक नहीं है
यह आंदोलन
जितना हम आप और वे
समझ रहे हैं
इसमें भ्रष्‍टाचार का मारा जाना
पक्‍का तय है
वे कह रहे हैं
फिर कैसे और क्‍यों
और कौन
इसे अहिंसक मान ले  ?  पसंद आई हों आपको चंद पंक्तियां तो यहां पर क्लिक कीजिए। वोट दीजिए और टिप्‍पणी देने में संकोच मत कीजिए।
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भ्रष्‍टाचार न अविनाश का है और न अन्‍ना का : इस पर तो नेताओं का एकमात्र सर्वाधिकार है

स्‍वाभिमान टाइम्‍स में आज जो प्रकाशित हुआ है। आप भी पढि़ए लेकिन टिप्‍पणी देने के लिए ब्‍लॉगस इन मीडिया में रजिस्‍ट्रेशन करिए या जिन्‍होंने पहले से किया हुआ है, वे लॉगिन करें और अपनी राय भ्रष्‍टाचार और ... के बारे में जाहिर  करके शिष्‍टाचार निभाइये।
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अन्‍ना हजारे का समर्थन : भ्रष्‍टाचार का विरोध है और मेरी ऊंगली


घायल ऊंगली
अन्‍ना हजारे को मिले बेहिसाब समर्थन से आज यह साबित हो गया है कि देश के हाथ अनायास ही भ्रष्‍टाचार को मिटाने की अचूक और कारगर दवा हाथ लग गई है। भ्रष्‍टाचार खुद में कोई बहुत बड़ी शक्ति नहीं है। उसकी शक्ति की वृद्धि के जिम्‍मेदार हमारे वे नेतागण हैं, जो बहुतायत में हैं। कुकर्मों की शक्ति का एक दिन अवश्‍य ही अंत होता है और वो आज आपके बिल्‍कुल सामने है। आप उसे मौत भी दे सकते हैं और उस पर रहम भी कर सकते हैं। समय समय पर हमारे किए गए रहम से उसे वहम हो गया है कि वो अद्भुत शक्ति का पारावार है।

वैसे अद्भुत और कारगर शक्ति का स्‍वामी आज हर ब्‍लॉग है और प्रत्‍येक नेक हिन्‍दी ब्‍लॉग है। मैं आवाह्न करता हूं सभी हिन्‍दी ब्‍लॉगर साथियों से कि वे भ्रष्‍टाचार विरोधी इस मुहिम में पूरी सक्रियता से जुट जाएं और नेकराही अन्‍ना हजारे के समर्थन में अपने ब्‍लॉग पर एक पोस्‍ट अवश्‍य लगायें। मत घबरायें अगर उस पर एक टिप्‍पणी भी नहीं आती है। टिप्‍पणी के न आने से पोस्‍ट की शक्ति कम नहीं होती है।

इससे यह भी साबित हो रहा है कि भ्रष्‍टाचार के विरूद्ध आमजन के मन में दबा दबा सा आक्रोश है। आक्रोश रूपी उस चिंगारी को माकूल हवा यानी ऑक्‍सीजन अन्‍ना हजारे के नेक प्रयत्‍नों से मिली है। इस मुहिम में आप भी जुड़ जायें और भ्रष्‍टाचार के विरोध में पोस्‍ट लगाने से जरा न हिचकिचाएं। आज रिमोट का जमाना है और मैं अपने नुक्‍कड़ परिवार की ओर से अन्‍ना हजारे को अपना संपूर्ण समर्थन देता हूं लेकिन मेरे समर्थन का तब तक कोई महत्‍व और उपयोगिता नहीं है जब तक आप सब अपने अपने ब्‍लॉगों पर एक एक पोस्‍ट नहीं लगायेंगे ?

मेरे प्‍यारे, अन्‍ना हजारे
जरूरी नहीं है कि विरोध करने के लिए भारी भरकम लेख ही लिखे जाएं। आप कविता की एक लाईन में भी भ्रष्‍टाचार के खिलाफ अपनी बुलंद आवाज जोड़ सकते हैं। दो लाईन में भी और चार लाईन में भी। विधा कोई भी हो सकती है। कार्टूनकार एक कार्टून बना अपने ब्‍लॉग पर लगाकर अन्‍ना हजारे को समर्थन दें और जो कुछ लिखने में असमर्थ हैं, चाहे समय की कमी की वजह से, अथवा अन्‍य किसी कारण से। वे टिप्‍पणी में सिर्फ नाइस Nice लिखकर भी इससे जुड़ सकते हैं। इससे साबित होगा कि आप सबकी भावना नेक है।


बाद की दिशा
एक दुर्घटना का जिक्र करना चाहूंगा कि आज सुबह कार का दरवाजा बंद करते समय मेरी असावधानी से मेरे बांए हाथ की मध्‍यमा ऊंगली कार के दरवाजे की चपेट में आ गई। वो तो मेरे सीधे हाथ में कार के दरवाजे की चाबी थी। मैंने बिना समय गंवाए चाबी लगाकर दरवाजा खोला। घायल ऊंगली को बाहर निकाला। ऊपर घर में पहुंचा और जब तक मेरी श्रीमती जी ने कोई तेल इत्‍यादि उस पर लगाया। तब तक मैंने अपने पाठकीय मित्र डॉ. अमित त्‍यागी को उनके मोबाइल पर फोन किया। सुबह 6 बजे मेरा फोन आने से उन्‍हें अंदेशा हो गया कि कुछ न कुछ विशेष बात है। जब उन्‍होंने पूछा तो मैंने उन्‍हें तुरंत घटना की जानकारी दी और इलाज जानना चाहा। डॉ. अमित ने तुरंत मुझे कहा कि बरफ की सिकाई ऊंगली पर कर लो। मैंने कहा कि ऊंगली में खून जमा होता जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि घबराने की बात नहीं है, कोई नस जरूर फटी होगी, जिससे खून बाहर आना शुरू हो गया है। पर आप पॉलीथीन में बरफ भरकर उसकी सिकाई कर लें और यकीन मानिए पिछले एक घंटे की सिकाई के बाद मेरी ऊंगली अपनी पूरी जवानी पर है। और कहीं से भी उसे महसूस नहीं हो रहा है कि वो अभी अभी किसी हादसे बाहर निकली है। कीबोर्ड के खटराग में आने वाली बाधा, आने से पहले ही दूर हो गई है।

इसी कारण मैं अब यह पोस्‍ट लगा पा रहा है। मैं ऊंगली के पहले और बाद के चित्र भी आपकी जानकारी के लिए लगा रहा हूं। मेरे कहने का आशय यह है कि हौसला रखिए और आप देखेंगे कि चंद दिनों में ही भ्रष्‍टाचार के हौसले पस्‍त हो जायेंगे लेकिन उसके बाद यह आपकी जिम्‍मेदारी है कि आप दोबारा से भ्रष्‍टाचार को सक्रिय न होने दें।

पहले मैंने नीचे पेश की जा रही चंद लाईनें इस पोस्‍ट में लगाने के लिए लिखीं। फिर तसल्‍ली नहीं हुई तो इस सामग्री को लिखा जिसे आप पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं।

साबित हो गया है
भ्रष्‍टाचार के विरुद्ध
आमजन के मन में
दबा आक्रोश है


आक्रोश्‍ा को दी है
शांत अभिव्‍यक्ति
शांत अभिव्‍यक्ति माने
गांधीवादिता
अगर आप खून खराबा मचाते
तो क्‍या भ्रष्‍टाचार को डरा पाते
हजारे ने शांति से हलचल मचाई है
नेताओं को अपनी इनकी सबकी
देख लो नानी याद आई है


हजारों हजार पोस्‍टें लगाओ हिन्‍दी ब्‍लॉगरों
भ्रष्‍टाचार के विरोध में पोस्‍ट लगाना है
अन्‍ना हजारे का समर्थन और जान लो
अन्‍ना हजारे के समर्थन में पोस्‍ट लगाना
भ्रष्‍टाचार का विरोध करना है


इस मौके को गंवाना मत
एक भी हिन्‍दी ब्‍लॉग
भ्रष्‍टाचार विरोधी पोस्‍ट से
महरूम न रह जाये

जिनके पास समय नहीं है
वे समय निकालें
एक पोस्‍ट तो अवश्‍य लगा लें
भ्रष्‍टाचार डर गया है
देख लो सहम गया है

पता नहीं हम सबके मन में
क्‍यों उसके प्रति इतनी रहम दया है
अन्‍ना हजार का समर्थन
भ्रष्‍टाचार मिटाने की कारगर दवा है

भ्रष्‍टाचार को जिन नेताओं का रहा है नशा
वो समझ लो अब उतरने लगा है
भ्रष्‍टाचारी भी अन्‍ना हजारे का समर्थन करने लगा है
पर वो कब करेगा अपने कदमों से तौबा
ऐसा साबित करवा दो अपना मंसूबा

चित्र देखने के लिए आपको दोबारा से यहां आना होगा। मैं कुछ देर बाद यहां चित्र लगाने में समर्थ हो सकूंगा।
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"साथी हाथ बढाना…………"

 

भ्रष्टाचार को अब तो 

समूल नष्ट करना होगा

सोयों को अब जगना होगा
वरना अन्जाम से डरना होगा
ये सोया शेर जागा है आज
इससे बचना है तो
हथियार डालने होंगे
एक अन्ना के साथ
लाखों करोड़ों सितारे होंगे
अब आसमाँ को झुकना होगा
जमीन को उसका हक देना होगा
देश को भ्रष्टाचार मुक्त करना होगा
वरना क्रांति ऐसी आयेगी
सब बहा ले जायेगी
शासन की जड़ें हिला जायेगी
जागो ……सोने वालों
अब तो जागो………
आज सोने की चिड़‍िया को अपने ही लोग खा रहे हैं । भारत तो कल भी सोने की चिड़‍िया था और आज भी है ……क्या कमी है कुछ नहीं, तभी तो देखो इतना धन है कि लोग अपने हाथों खोखला कर रहे हैं……………कल परायों ने लूटा आज अपने लूट रहे हैं अगर ऐसा बिल आ गया होता, तो आज देश का नक्शा ही दूसरा होता………विश्व पटल पर जब आज भारत की छवि इतनी ऊँचाइयां प्राप्त कर रही है तो ज़रा सोचिये अगर वो धन जो स्विस बैंक मे जमा है, वो यहीं उपयोग होता तो देश कहाँ से कहाँ पहुँच गया होता। मगर जब पालनहार ही मारनहार बन जाये तो आम जनता कहाँ जायेगी और देश तो बर्बादी के कगार पर पहुंचेगा ही ऐसे में अन्ना जी जैसे महापुरुष का कदम एक तड़पते हुये इंसान के मूँह मे दो बूँद गंगाजल डालने के बराबर है और इसमे हम सब को सहयोग करना चाहिये ये किसी एक इंसान की नहीं सारे देश की जनता की आवाज़ है और हम सब इस मुहिम में उनके साथ हैं…………जय हिंद


अच्‍छा तो आप भी कुछ कहना चाहते हैं, विचारों को गहना चाहते हैं तो यहां पर माउस लायें और चटकायें, शायद भ्रष्‍टाचार ही चटक जाये
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हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग का जंतर मंतर : आप भी एक मंतर फूंकिए


My Photoहैरान मत होइये

हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग के
जंतर मंतर पर आयेंगे
तो खाली हाथ नहीं जायेंगे
वहां पर शेष पायेंगे
और विशेष ले जायेंगे
फिर आप ही नारायण कहलायेंगे

तो यहां पर क्लिक कीजिए
और सीधे मिल लीजिए
अपनी बात वहीं कहिए
और अच्‍छी लगे तो
पढ़ने के लिए आते रहिए

फिर मत कहिएगा
खबर न हुई
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