ब्लॉगवाणी ने तो इस बार हद ही कर दी। पहले भी कई बार ब्लॉगवाणी में परेशानियाँ आई हैं मगर इसके लिए परेशान होने वाले ब्लागरों को संचालकों ने बाकायदा सूचित किया और असुविधा के लिए खेद भी जताया, मगर इस बार तो संचालक एक अजीब सी रहस्यमय खामोशी अख्तियार कर के बैठे है। यहां वहां से उडत्ती उड़ती खबरें आती हैं ब्लॉगवाणी अब ठीक हो रहा है तब ठीक हो रहा है मगर दस दिन से ज्यादा हो गया संचालकों ने आज तक अपना मुँह नहीं खोला । यह हज़ारों ब्लॉगरों के साथ सरासर धोकेबाजी है जो ब्लॉगवाणी पर विश्वास करते है। ब्लॉगवाणी संचालकों को तुरंत सामने आकर वस्तुस्थिति से ब्लॉगरों को अवगत कराना चाहिए।
प्रमोद ताम्बट
भोपाल
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