बिग बॉस का घर या पिंजरा जानवरों का लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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बिग बॉस के घर में (अविनाश वाचस्‍पति)


बिग बॉस के घर में इंसानों को बंद किया गया है और बंद होने के बाद वे जानवरों की तरह हरकतें कर रहे हैं। उनकी हरकतें अगर जानवर देख लें तो वे भी शर्मसार हुए बिना नहीं रहेंगे। चिडि़याघर अथवा पिंजरों में बंद जानवरों को जब दर्शक देखता है तो जानवरों को दर्शक भी दिखाई देते हैं जबकि बिग बॉस के घर में बंद या अपनी खुशी से कैद इंसानों की हरकतें, करतूतें और कारनामे तथा उनकी बातचीत सजीव दिखलाई सुनाई दे रही है परन्‍तु वे किसी दर्शक को देख नहीं पा रहे हैं जबकि जानवर भी दर्शक को देख सचेत हो जाता है। यहां उल्‍टी ही स्थिति होने वाली है उन्‍हें देख देख कर दर्शक ही अचेत न होने लगें। जबकि बंद इंसान जानते हैं कि उन्‍हें जिस सान पर चढ़ाया गया है वे टी वी के जरिए समूचे विश्‍व के सामने परोसा जा रहा है पर वे फिर भी उच्‍श्रंखलता की मिसाल बना रहे हैं। मतलब जानवरों से भी इंसान बदतर कैसे हो सकता है – इस शो को देखकर यह तो जाना ही जा सकता है।
उल्‍लेखनीय है कि पाश्‍चात्‍य देशों के अंधानुकरण की दौड़ में हम महान भारतीय पहले तो नारी के वस्‍त्रों से खिलवाड़ कर चुके हैं, उन्‍हें विज्ञापन की जिंस बनाने और बाजार की वस्‍तु बना चुके हैं और अब इस तरह के क्रियाकर्म किस हेतु की प्राप्ति के लिए कर रहे हैं। सिर्फ और सिर्फ इसका ध्‍येय चैनलों को अपनी टी आर पी बढ़ाना ही प्रतीत होता है।
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