लोमड़ी उपदेश अब देने लगी है,
सारे जंगल में खबर ये हो गई है !(१)
टोटके औ वार सब खाली गए,
दाँत टूटे,बेअसर वो हो गई है !(२)
अपनी ही कौम की दुश्मन बनी,
शेर से पंजा लड़ाकर खो गई है !(३)
आइना उसको दिखाया शेर ने,
अपनी सूरत से बहुत डर वो गई है !(४)
अब तरो-ताज़ा है जंगल हर तरफ़,
घर से अपने लोमड़ी,खुद ही बेघर हो गई है !(५)


