इति लोमड़ी कथा !

Posted on
  • by
  • संतोष त्रिवेदी
  • in
  • Labels: , ,


  • लोमड़ी उपदेश अब देने लगी है,
    सारे जंगल में खबर ये हो गई है !(१) 

    टोटके औ वार सब खाली गए,
    दाँत टूटे,बेअसर वो हो गई है !(२)

    अपनी ही कौम की दुश्मन बनी,
    शेर से पंजा लड़ाकर खो गई है !(३)

    आइना उसको दिखाया शेर ने, 
    अपनी सूरत से बहुत डर वो गई है !(४)

    अब तरो-ताज़ा है जंगल हर तरफ़,
    घर से अपने लोमड़ी,खुद ही बेघर हो गई है !(५)

    4 टिप्‍पणियां:

    1. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति
      बुधवारीय चर्चा-मंच पर |

      charchamanch.blogspot.com

      उत्तर देंहटाएं
    2. अब कहाँ पायी जाती है लोमड़ी ?

      उत्तर देंहटाएं
    3. अरविन्द जी १० ,जनपथ पर ,संसद में सदन में इटली में भारत में एक साथ सब जगह लोमड़ी ही लोमड़ी हैं पश्चिमी बंगाल तक ,लखनऊ से नै दिल्ली तक .बढ़िया प्रस्तुति .



      बुधवार, 2 मई 2012
      " ईश्वर खो गया है " - टिप्पणियों पर प्रतिवेदन..!
      http://veerubhai1947.blogspot.in/
      लम्बी तान के ,सोना चर्बी खोना
      http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/2012/05/blog-post_02.html

      उत्तर देंहटाएं

    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
    Copyright (c) 2009-2012. नुक्कड़ All Rights Reserved | Managed by: Shah Nawaz