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जो नहीं जानते
वे जान जायें
पाबला प्यारे
दिल्ली में हैं
आज मिल रहे हैं
इसलिए संख्या 36 तो होगी ही
पर 36 का आंकड़ा न होगा
एक और एक ग्यारह
की ताकत
देखिएगा
कितने जुटेंगे
कितने मिलेंगे
सबको कैद करके ले जायेंगे
पाबला जी
अपने कैमरे में
फिर छोड़ देंगे
इंटरनेट स्पेस पर
मंडराने के लिए नहीं
ब्लॉगियाने के लिए
बहुत सारे लगायेंगे
खूब सारी पोस्टें
जिन पर आयेंगी
धड़ाधड़ टिप्पणियां
यहां पर कीजिएगा अवश्य
पुष्टि
आप आ रहे हैं
टिप्पणियों की संख्या से
लगाया जायेगा अंदाजा
कितना मचेगा शोर
और सार्थक बातें होंगी हर ओर
वैसे कल भी हुई हैं
जब मिले थे
चार हिन्दी ब्लॉगर
नंबर एक पाबला जी
दो नंबर पर राधारमण जी
तीसरे नीरज बधवार जी
और चौथा कौन ?
मैं तो भूल गया
पर शायद आपको याद हो
मेरी आदत है कि
अक्सर भूल जाता हूं
पर नहीं भूलूंगा
19 दिसम्बर 2010 की शाम को
6 बजे 36गढ़ भवन, दिल्ली में
पहुंचना
मिलना
जुलना।
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| हम छिपे हैं यहां, डर कर नहीं मिलने के लिए |



