मां का मतलब हां होता है

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  • अविनाश वाचस्पति
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  • हर दिन होता है मां का

    नहीं प्रश्‍न इसमें ना का

    फिर मनाते हैं क्‍यों सब

    सिर्फ एक दिन हां का

    3 टिप्‍पणियां:

    1. बहुत अच्छी और सच्ची कविता !
      छोटी सी लेकिन मर्म भरी .
      माँ को नमन !

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    2. बहुत बढ़िया लिखा है आपने, मातृ दिवस की शुभकामनाएं
      डैश बोर्ड पर पाता हूँ आपकी रचना, अनुशरण कर ब्लॉग को
      अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
      latest post हे ! भारत के मातायों
      latest postअनुभूति : क्षणिकाएं

      उत्तर देंहटाएं
    3. ब्लॉग बुलेटिन के माँ दिवस विशेषांक माँ संवेदना है - वन्दे-मातरम् - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
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