नहीं होगा इंटरनेट तो मर तो नहीं जाओगे (कविता) अविनाश वाचस्‍पति

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  • भगवान मिल गया है


    क्‍या लाए थे तुम
    मोबाइल फोन
    इंटरनेट
    ब्रॉडबैंड
    4 जी
    या 2 जी के घोटाले
    क्‍या लेकर जाओगे

    नहीं होगा इंटरनेट
    मर तो नहीं जाओगे

    तिहाड़ भी यहीं आकर बनाई
    बेईमानी की कमाई
    यहीं आकर की
    ईमानदारी भी यहीं छोड़ी
    खेल भी यहीं खेले

    गाड़ी अपनी बिना मोड़ के भी घुमाई
    बुरी आदतों से भी की कमाई
    कुछ लाए नहीं साथ
    फिर खोने का क्‍या डर
    क्‍यों डरते हो
    जब साथ न हो कंप्‍यूटर
    न हो इंटरनेट

    न हो मोबाइल चैट
    बिल में न हों चूहे
    साथ क्‍या लाए
    क्‍या साथ ले जाओगे

    न सुख लाए हो
    फिर क्‍यों दुख ले जाना चाहते हो
    न हो फेसबुक
    एक दिन या अनेक दिन
    जीवन है
    जिजीविषा है
    खुशी है
    उमंग है
    तो सब कुछ है

    नहीं है इंटरनेट
    तो इंसान तो है
    और
    इन सबसे बढ़कर
    कण कण में भगवान
    तो है।



    अविनाश वाचस्‍पति

    2 टिप्‍पणियां:

    1. आपका स्टाइल सबसे जुदा है जी, कण कण मे भगवान् . . . . सब कुछ यही मिलेगा , सभी कर्मो का फल जी .. . . संतुष्ट हो जाए आदमी तो ,उलटे सीधे काम क्यों करे जी. अब कर रहा है तो फल भी यही मिलेगा जी . . . स्वर्ग भी यही है . . .. नरक भी यही है . . . . इंसान बनो और कण कण मे भगवान् को पूजो. बहुत सुंदर , और सबसे हटके , अलग एक रचना जी.

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    2. गजब लिखा है बॉस. धो डाला.
      हाल की एक स्टडी बताती है कि फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोग मानते हैं कि इनकी वजह से उनकी जिंदगी बदल गई है. इन साइट्स ने बहुतों की नींद हराम कर दी है. इन वेबसाइटों का इस्तेमाल करने वालों के बीच एक सर्वेक्षण किया गया. सर्वे में शामिल आधे से अधिक लोगों ने माना कि इन वेबसाइटों का इस्तेमाल शुरू करने के बाद से उनके व्यवहार में बहुत बदलाव आया है. आधे लोगों ने यह भी कहा कि फेसबुक और ट्विटर के चलते उनकी जिंदगी बदतर हो गई.
      न्यूज पेपर 'द डेली टेलिग्राफ' के मुताबिक सोशल मीडिया का नेगेटिव असर जिन लोगों पर पड़ता है, उनका कॉन्फिडेंस अपने दोस्तों के मुकाबले काफी गिर जाता है. दो तिहाई लोगों ने कहा कि इन वेबसाइट का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें आराम करने अथवा सोने में दिक्कत होती है.

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