शो मस्ट गो आन

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  • गिरीश बिल्लोरे मुकुल
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  • साभार:-"Owaisihospital "
    वातावरण की गहमा गहमीं के बाद  एक निर्वात सी स्थिति थी सहमे सहमे चेहरे . कुछ देर पहले की ही तो बात है   स्ट्रैचर  पर बेहोश देह आई.सीं.यू. में प्रवेश करा दी मुस्तैद स्टाफ़ ने. लगभग भागता हुआ ड्यूटी-डाक्टर मरीज के लिये सही डाक्टर को बुलाने में सफ़ल हो जाता है. अगले दस मिनिट में  आत्मविश्वास से लकदक एक काया प्रवेश करती है आई.सी.यू. में. परिजन नि:शब्द किंतु उनकी पथराई आंखें अपलक गोया पूछतीं हैं -"बचालोगे न ? "
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