इतना गहन अँधेरा,जुगनू दूर करेगा ?

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  • संतोष त्रिवेदी
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  • एक बूढ़े से
    क्रांति की उम्मीद में हम
    लगातार उसको ताक रहे हैं,
    अँधेरी कोठरी में चंद जुगनू लिए 
    हम झांक रहे हैं .
    रोशनी जब चीरकर घुस आएगी ,
    इस अँधेरे की तभी,
    सचमुच में शामत आएगी !!





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    1 टिप्पणी:

    1. इस पोस्ट के लिए धन्यवाद । मरे नए पोस्ट :साहिर लुधियानवी" पर आपका इंतजार रहेगा ।

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
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