हम हैं सरकार !

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  • संतोष त्रिवेदी
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  • दिल्ली हाईकोर्ट में हुआ विस्फोट बताता है  की हम राजनैतिक रूप से निर्णय लेने की अक्षमता का कितना खामियाजा भुगत रहे हैं.अफज़ल गुरु,कसाब की सूची में एक-आध नाम और जोड़कर हम देश के लोगों के प्रति अपनी जवाबदेही सुनिश्चित कर लेंगे ! 
    और हाँ,देश का आमजन यदि भ्रष्ट-व्यवस्था के विरुद्ध आवाज़ उठाता है तो पूरे देश की पुलिस,सीबीआई और आयकर-विभाग को उसके पीछे छोड़ दिया जाता है !
    क्या हम ऐसे ही डरते हुए और मरते हुए जीने को अभिशप्त रहेंगे ?फिर से व्यवस्था चाक-चौबंद हो जाएगी,मुआवज़े दिए जाएँगे और जाँच बिठा दी जाएगी. जिस देश का शासन अपने लोगों से प्रतिशोधात्मक रवैया रखता हो,देश के दुश्मनों के प्रति सहानुभूति क्या उसके लिए भी हमारी संसद विशेषाधिकार-हनन का कोई प्रस्ताव लाएगी? हम हर काम के लिए अन्ना की ओर क्यूँ देखते हैं? वह या उस जैसा कोई अपनी हड्डियों को गलाए तभी कोई वज्र बनेगा जो सारी समस्याओं को पलभर में नष्ट करेगा !

    3 टिप्‍पणियां:

    1. बहुत सही कहा जिस देश का शासन अपने लोगों से प्रतिशोधात्मक रवैया रखता हो,देश के दुश्मनों के प्रति सहानुभूति क्या पर दिखायी तो यही पड. रहा है कि सैकडों.हत्याओं के जिम्मेदार कसाब और अफ़जाल की फ़ांसी अभी तक नही हो पायी है। राजीव गांधी जैसे शख्स के हत्यारों की दया यचिका खारिज होने के बाद भी हाइकोर्ट उसे अस्थायी तौर पर स्थगित कर देता है।

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    2. फिर दिया अवसर आतंकियों ने हम भारतीयों को संवेदनाएं प्रकट करने/कराने का...
      एक और आतंकी हमले को दिया अंजाम...
      दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर धमाका...
      अब बयान बाजी शुरू होगी-
      प्रधानमंत्री ...... हम आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देंगे ...
      दिग्गी ...... इस में आर एस एस का हाथ हो सकता है
      चिदम्बरम ..... ऐसे छोटे मोटे धमाके होते रहते है..
      राहुल बाबा ..... हर धमाके को रोका नही जा सकता...
      आपको पता है कि दिल्ली पुलिस कहाँ थी?
      अन्ना, बाबा रामदेव, केजरीवाल को नीचा दिखाने में ?

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