80 साल कि नेत्रहीन बुजुर्ग महिला को उसकी ओलाद ने सडक पर निकाल दिया

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  • Anil Attri
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  • कहते हैं हम सदा माँ बाप के ऋणी रहते हें ॥इनके एहसान हम पूरी जिन्दगी भी नही चुका सकते ...पर कुछ कलयुगी ओलाद इस बात को भूल जाती हैं ...और माँ - बाप जो पूरी जिन्दगी बच्चे का लालन पालन करते हैं ......उसके दुःख दर्द भी अपने उपर लेते हैं पर कलयुगी ओलाद बुजुर्ग माँ बाप को भी धक्के देकर बाहर सडक पर खड़ा कर देती हैं .... ऐसा ही दिल दहलाने वाला मामला आया देश कि राजधानी दिल्ली के करोल बाग़ से ....जहां 80 साल कि नेत्रहीन बुजुर्ग महिला को उसकी ओलाद ने सडक पर निकाल दिया और ये तीन बच्चों कि बुजुर्ग pighal माँ आज करोल बाग़ कि सडक पर वीरवार शाम बेसहारा हैं .....आने जाने वाले राहगीरों का दिल रहा हैं पर इसके अपने खून का दिल नही पसीजा ॥ ................... कैमरे के सामने लड़तीं ये महिलाएं 80 वर्षीय नेत्रहीन निर्मला प्रभाकर कि बहुएं हैं ----जो जायदाद के लिए इस तरह कहीं भी लड़ने से परहेज नहीं करती हैं ----हलांकि इनके लड़ने का बहाना तो इस बुजुर्ग महिला कि जिम्मेदारी है मगर असलियत मे ये लड़ाई करोल बाग के पौस इलाके कि ये जायदाद है -----जो निर्मला जी के नेत्रहीन पति ने अपने अंतिम समय मे अपनी पत्नी और अपने छोटे बेटे के नाम आधी आधी कर दीया था --- इसके आलावा निर्मला जी के दो और बेटों के पास भी अच्छी खासी सम्पति है मगर उसके बावजूद बीती रात से ये बुजुर्ग नेत्रहीन महिला इसी मकान के सामने इस ठंढ मे समय बिताने को मजबूर है ----निर्मला जी कि माने तो उनकी शादी भी इसी मकान मे हुई थी और उनका समान भी अन्दर पड़ा हुआ है मर कल से इन्हें बहार निकल दिया गया है .......................................

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    4 टिप्‍पणियां:

    1. इन बच्चो को सरे आम गोली से उडा देना चाहिये, ओर जि इन से सहानूभुती क्रे उसे भी साथ मे

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    2. संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।

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    3. yah manviy sambandhon ka ksharan ,atyant hi chintajanak hai.
      maaa..ki yah durdasha wah bhi bharat me ?
      aisi auladon ko kathor dand milna chahiye.

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