दो दिन के लिए टिप्‍पणी लेखन अभियान : लिंक दे जायें और टिप्‍पणी पायें : संदर्भ वैशाखनंदन सम्‍मान प्रतियोगिता परिणाम

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  • अविनाश वाचस्पति
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  • जो टिप्‍पणियां देते हैं खुलकर
    उन्‍हें सम्‍मान मिलता है स्‍वर्णपर

    आज मैं बहुत खुश हूं
    मुझे इनाम मिला है
    सच कहूं नाम मिला है

    दो दिन लेखन रहेगा स्‍थगित
    करूंगा सिर्फ टिप्‍पणियां मैं
    आप अपनी पोस्‍ट का
    लिंक नीचे टिप्‍पणी में
    दे जायें
    मैं गारंटिड टिप्‍पणी दूंगा
    पर आलोचना भी हो सकती है
    जो डरते न हों
    टिप्‍पणी चाहते हों
    वे आयें और अपनी पोस्‍ट का
    लिंक जरूर दे जायें
    जाने दोबारा यह मौका कब आयेगा
    जब मुझे टिप्‍पणी देने के लिए इतना प्‍यार आयेगा
    ओपन ऑफर है
    टिप्‍पणियों का सफर है
    आपके ब्‍लॉग का हमसफर बन जाऊं
    मन से ऐसा मैं चाहूं।

    50 टिप्‍पणियां:

    1. काजल जी की ताजा पोस्‍ट पर टिप्‍पणी दे दी गई हैं। जांच सकते हैं

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    2. बहुत-बहुत बधाई...
      http://hansteraho.blogspot.com/2010/09/blog-post.html

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    3. तनेजा जी की ब्‍लॉग पोस्‍ट पर तली हुई टिप्‍पणी पहुंचा दी गई है। देख आइये।

      उत्तर देंहटाएं
    4. हार्दिक बधाई और शुभकामनायें ...

      उत्तर देंहटाएं
    5. बधाईयाँ जी बधाईयाँ

      ढेर सारी बधाईयां

      उत्तर देंहटाएं
    6. 'दो दिन लेखन रहेगा स्‍थगित
      करूंगा सिर्फ टिप्‍पणियां मैं'
      क्योंकि ब्लॉग-टिप्पणियाँ 'लेखन' के अन्तर्गत नहीं आती हैं।

      उत्तर देंहटाएं
    7. बलराम भाई
      टिप्‍पणियां तो पोस्‍टों को
      खनखनाने की थाती हैं।

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    8. बहुत बहुत बधाई!!
      एक से ज्यादा ब्लाग चलेंगें क्या :)
      http://dharmjagat.panditastro.com/2010/09/blog-post.html
      http://bakwasbaji.panditastro.com/2010/09/blog-post.html

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    9. मैं उस विवरण में तो नहीं जाना चाहता, जिसकी वजह से मजबूर होकर बिग बी जी को यह निर्णय लेना पड़ा?

      http://nukkadh.blogspot.com/2010/08/blog-post_5134.html

      Sir आपकी टिप्पणी?

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    10. प्रार्थी आपकी टिप्पणी के इंतिज़ार में पलक पांवडे बिछाए बैठा है. अगर इतना बडा ब्लागर मुफ्त आफर दे रहा है तो शायद कोई बेवक़ूफ ही इस अवसर से वंचित रहना चाहेगा.

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    11. सर्वत भाई आपने नाचीज को बड़ा मानकर अपना बड़प्‍पन साबित करने का अवसर नहीं गंवाया, मैं भी नहीं गंवाता, अगर ऐसा अवसर मिलता।

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    12. वत्‍स जी
      एक से अधिक ब्‍लॉग
      नहीं चलेंगे
      पर तेजी से दौड़ेगे

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    13. वैशाखनंदन रजत सम्मान - २०१० के लिए आपको सपरिवार बहुत-बहुत शुभकामनाएँ और ढेरों बधाईयाँ।
      सादर
      जगदीप दांगी

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    14. बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
      --
      आपकी योग्यता ओर सक्रियता का सम्मान तो होना ही चाहिए!

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    15. धन्यवाद अविनाश जी, टिप्पणी तो तब पायेगें न हम जब कुछ लिखेगें। आज कल तो स्याही सूखी पड़ी है और कलम टूटी पड़ी है, आप फ़िर किस पर टिपियायेगें…।:)

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    16. आपकी बारी तो आएगी बाद में
      पहले मैं ही आता हूं
      आपके सम्मान में मुहर लगाता हूं
      स्वीकार करें साथ में बधाई भी
      मज़ा तो तब है, जब
      टिप्पणि के साथ साथ बंटे मिठाई भी!!

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    17. अनीता जी टिप्‍पणी देने के लिए पोस्‍ट की जरूरत नहीं होती
      पोस्‍ट लगायें, कहते रहें बार बार, यह भी टिप्‍पणी ही है होती

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    18. मनोज जी टिप्‍पणी का मजा न कम कीजै
      टिप्‍पणी को कभी मिठाई से कमतर न आंकें
      मिठाई डायबिटीज वालों को डराती है, जबकि
      टिप्‍पणी जीवन में बेनुकसानी मीठापन लाती है

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    19. पहले तो बुलाओ
      फिर जाओ
      ये क्या बात हुई
      ले लीजिए मेरी भी बधाई ..

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    20. अविनाशजी ! आपको बहुत बहुत बधाई ,ऐसी प्रतियोगिताएं भविष्य मैं आयोजित होती रहनी चाहयिए!

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    21. क्या बात है ....अच्छी प्रस्तुति ....
      ( क्या चमत्कार के लिए हिन्दुस्तानी होना जरुरी है ? )
      http://oshotheone.blogspot.com

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    22. बहुत बहुत बधाई।

      अच्छा तो लिंक देना पडेगा …………………वैसे हम डरते नही हैं आप आइये तो सही चाहे आलोचना ही करें मगर आइये तो सही ………………आपका स्वागत है।

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    23. अविनाश जी से अपनी यारी है
      और इस बार उन्होंने ही बाजी मारी है

      उनके लेखन में है ऐसा जादू, उनकी हर रचना प्यारी है
      पुरस्कार की ख़ुशी में शुभकामनाएँ देने की अब हमारी बारी है

      उनका टिप्पणियों की झड़ी लगाने का वादा है
      अपना ढेरों शुभकामनाएं देने का इरादा है

      बार-बार जीतें ढेरों पुरस्कार, यूँ ही बढ़ते रहें आगे
      और कामयाबियों के यूँ ही बुनते रहें मकड़ीनुमा धागे

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    24. http://kranteekalamki.blogspot.com/2010/09/blog-post.html

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    25. टिप्पणी रहने भी दोगे तो चलेगा...

      हमारी तरफ से भी बधाई हो
      टिप्पणी के बदले मिठाई हो.

      उत्तर देंहटाएं
    26. अविनाश जी, बहुत बहुत बधाई .................
      बाकि आपका कंसेप्ट अच्छा लगा...... पर एक बात टिपण्णी देना भी अच्छे लेखन में शुमार होता है - अपन कि नज़र से.

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    27. भगवान आपके टिपण्णी देव कारोबार में बरकत करे.............
      और हाँ इनाम कि बहुत बहुत बधाई ..

      उत्तर देंहटाएं
    28. सभी बतलायें कि क्‍या उड़नतश्‍तरी जी की सलाह‍ मान ली जाए। जो सिर्फ मिठाई चाहते हैं, वे बतलायें और मिठाई के साथ टिप्‍पणी की इच्‍छा रखने वाले मिठाई का नाम और पोस्‍ट का लिंक (जिस पर वे टिप्‍पणी पाना चाहते हैं) अवश्‍य दे जायें।

      क्‍या दीपक बाबा जी का कहा मान लेना चाहिए कि टिप्‍पणी देना भी अच्‍छे लेखन में शुमार होता है, यदि आप इस कथन से इत्‍तेफाक रखते हैं तो अच्‍छी टिप्‍पणी की परिभाषा आपकी नजर में क्‍या है, अवश्‍य बतलायें ?

      आज सुबह-सुबह भाई सुभाष नीरव जी का फोन आने की वजह से एमरजेंसी पोस्‍ट लगाई
      ए पॉजीटिव ग्रुप का ब्‍लड चाहिए : इच्‍छुक दाता संपर्क करें

      जिसके कारण चाहकर भी और कुछ नहीं कर पाया हूं। विश्‍वास है आप अन्‍यथा न लेंगे और विलम्‍ब के लिए क्षमा करने का प्रयास करेंगे और प्रयास करेंगे तो सफल भी अवश्‍य होंगे।

      उत्तर देंहटाएं
    29. जिन्‍हें टिप्‍पणी न मिली हो
      या अधिक चाहते हों
      अपनी ख्‍वाहिश दर्ज कीजिए
      और न मिलने वाले
      करें दर्ज एफआई आर
      पर कहीं और नहीं
      सिर्फ यहीं, यहीं और यहीं।

      उत्तर देंहटाएं
    30. टिप्‍पणियों में इतना खो गया है
      या बेरूखा हो गया है
      फोन भी नहीं उठाता
      लगता है ज्‍यादा भारी हो गया है

      मेरी भी बधाई रख ले मन के कोने में
      मुझे भी खुशी हुई है बैशाखनंदन होने में

      उत्तर देंहटाएं
    31. अब सिर्फ वे ही टिप्‍पणी करें
      जो टिप्‍पणी नहीं चाहते हों।

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    32. ha...ha....ha....ha...main bhoot bol rahaa hoon.....aur aapse puchhta hun ki...lekin usase hoga kyaa....??

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    33. भूतनाथ जी पहले तो आप यह जान लीजिए कि भूत बोलते नहीं हैं। चाहे वे धरती के हों या धरती पर हों अथवा हों ब्‍लॉग पर। लेकिन आपके यहां आने से यह मालूम चल गया है कि भूतों का अस्तित्‍व तो है, जिसके संबंध में सृष्टि में अभी तक भ्रम फैला हुआ है। आपने उस भ्रम को एक जगह जमने में मदद की है, नहीं तो वो पानी की तरह इधर-उधर सबको भिगाती रहती। आपने उसे बर्फ की तरह जमाया तो सही।
      दूसरा भूतनाथ जी यह तो बतलाइये कि 'उससे' क्‍या मतलब है, मैं साधारण इंसान हूं, विशेष या साधारण भूत तो हूं नहीं, जो इस प्रकार से समझ पाऊं। मुझे समझाने के लिए तो आपको विशेष मशक्‍कत करनी ही होगी।
      यह उससे क्‍या है, जिससे होगा क्‍या ?

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
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