सावधान हो रहीं हैं आपकी पोस्ट चोरी...

Posted on
  • by
  • उपदेश सक्सेना
  • in
  • ब्लोगर बंधुओं का आज किसी पोस्ट की बजाये इस पत्र से स्वागत करने की वजह यह है कि अब हमारी ब्लॉग पोस्ट को हमारे ही ब्लोगर बंधु खुले आम चुराकर अपने नाम से अपने ब्लॉग पर पोस्ट करने लगे हैं. आप के साथ ऐसा पहले भी हो चूका होगा मगर में इसका पहली बार शिकार हुआ हूँ. एक ब्लोगर हैं राजेश शुक्ल इनका ब्लॉग है- www.awajantarmanki.blogspot.com. मेरे द्वारा 1 मई को मेरे ब्लॉग पर पोस्ट की गई रचना-स्त्री पर ही क्यों किये गांधी ने प्रयोग, को राजेश भाई ने अपने ब्लॉग पर खुद के नाम से पोस्ट कर लिया. इस पोस्ट को मैंने नुक्कड़, भड़ास और जागरण जंक्शन पर भी पोस्ट किया है.इस पोस्ट को अपने ब्लॉग पर डालने के पहले राजेश ने न तो कोई अनुमति ली न ही मेरे ब्लॉग या नाम का उसमें जिक्र ही किया. इस तरह की चोरी-सीनाजोरी से में स्तब्ध हूँ, विचार हमारी निज धरोहर हैं, और विचारों की खुलेआम चोरी साहित्य या ब्लोगिंग के भविष्य के लिए उचित नहीं हैं. भाई राजेश को मैंने अपनी भावनाओं को मेल के जरिये अवगत करवा दिया है, आप सभी को सूचनार्थ अवगत करवा रहा हूँ. मेरे मूल की मूल भावना इस प्रकार है- Bhai Rajesh, Aik Acchhi post ke liye dhanyavaad. lekhani yadi apni ho to usme dil ko sukun milta hai, magar yadi chura kar koi rachanaa apne naam se prasarit kar vaahvaahi looti jaaye to yah chori ke saath seenajori hoti hai. yah mool rachna meri hai jise mene 1, may ko apne blog www.aidichoti.blogspot.com, www.nukkad.blogspot.com aur www.bhadas4media par subah hi post kiya tha. aapne rachna bina poochhe apne blog par apne naam se chep li, kam se kam mere bhai poochh lete ya credit line men mera yaa blog kaa naam dete. khair yah aapki pahli galti hai isliye maaf kiyaa bhavishya men dhyaan rakhen har rachanakaar mere jaisa dildaar nahin hoga.
    -Updesh Saxena New Delhi

    16 टिप्‍पणियां:

    1. ऐसे उठाईगिरों के साथ सख्त कार्रवाई तो होनी चाहिए ही, पूरे ब्लॉगवुड को इनका बहिष्कार करना चाहिए...

      जय हिंद...

      उत्तर देंहटाएं
    2. इस तरह की हरकतों की वजह से आज ब्लॉग राजनितिक अखाड़े बनते जा रहे है!चोरी की बजाय मौलिक लिखने में क्या हर्ज़ है?

      उत्तर देंहटाएं
    3. उस ब्लाग पर विरोध दर्ज कर आया हूँ

      उत्तर देंहटाएं
    4. ऐसी घटनाएँ नित बढ़ती जा रही हैं।
      गूगल को शिकायत कीजिए उस ब्लॉग की।

      उत्तर देंहटाएं
    5. उपदेश जी,

      कौन कहाँ किस रचना को चुरा कर प्रकाशित करवा दे, ये तो हम लोग नजर नहीं रख सकते हैं. इसके लिए ब्लॉग copyright के अंतर्गत
      सुरक्षित करने कि आवश्यकता आना पड़ी है. किस -किस ब्लॉग पर जाकर आप सर्च कर सकते हैं.

      उत्तर देंहटाएं
    6. हम ब्लॉगरों को इस तरह की चोरियों के खिलाफ़ एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए। आईटी और कॉपीराइट कानून के तहत इस तरह की उठाईगिरी अपराध है। शुरुआत तो कभी न कभी करनी ही पड़ेगी, कानून तक इन बातों को पहुंचाने की। तो अभी क्यों नहीं।

      उत्तर देंहटाएं
    7. बेहद लज्जाजनक और अशोभनीय कार्य .....
      इस रचना चोरी का दर्द मैं भी झेल चुकी हूँ .....
      राजेश जी को अपनी गलती के लिए turant maafi maang leni chahiye ......

      उत्तर देंहटाएं
    8. अशोभनीय, निन्दनीय, घृणित।
      मगर इस तरह का काम जान बूझ कर करने वाले को महफ़ूज़ जी के सुझाव के अनुसार, बहिष्कार से ही पवित्र किया जा सकता है। मैं तो विरोध करने भी नहीं जा रहा उधर।
      बस्स!

      उत्तर देंहटाएं
    9. कई बार तो पता भी नहीं चलता है

      उत्तर देंहटाएं
    10. वास्तव मैं हमारी रचना कब और कहां चोरी हो रही है इसका पता लग पाना बडा नुश्किल है । लेकिन समय रहते उपदेशजी को अपनी रचना चोरी होने की खबर लग गई जो अच्छा हुआ । खैर मैं भी राजेशजी के ब्लॉग पर अपना विरोध दर्ज कर आई हूं ।

      उत्तर देंहटाएं
    11. बेचारे पोस्ट चोर लोग। इन पर तो तरस आता है। क्योंकि उनके पास अपने कोई शब्द ही नहिं होंगे वरना ऐसा कम क्यों करते?

      अब बताइये सब के सामने ही बिना शर्म के चोरी करते हैं तो छीप छीप के तो ना जाने क्या भी करते होंगे?

      ना मुरव्वत कहीं के।

      उत्तर देंहटाएं
    12. बहुत शर्म की बात है ।
      सामान ही नहीं है तो दूकान खोल कर क्यों बैठते हैं ?
      शस्वरं
      - राजेन्द्र स्वर्णकार

      उत्तर देंहटाएं
    13. अब तो मेरा मन भी बेशर्मी पे उतरने का कर रहा है . सोचता हूँ कि ' राम चरित मानस ' चोरी कर अपने नाम से ब्लॉग पर छाप दूं.

      जय हो अभिव्यक्ति की छिछोरी ' स्वतंत्रता ' की .
      भैये अगर मैं तकनीकी निपुण होता तो साहब के पूरे ब्लॉग का ही अपहरण कर डालता .और संडास में फ्लश कर देता उनके नाम के साथ.

      लुच्चागिरी की भी हद होती है .न जाने कहाँ कहाँ से आ जाते हैं ऐसे उठाईगीरे ब्लोगिंग में.

      उत्तर देंहटाएं
    14. माफ़ करना उपदेश भाई मेरा आपका पोस्ट चोपी करने का कोई इरादा नहीं था. मै ब्लोगिंग पर पूरी तरह से नया हूँ . और आपकी पोस्ट मुझे अच्छी लगी इसलिए मैंने आपका पोस्ट लगाया था. मेरे कंप्यूटर में हिंदी writing की सुविधा भी नहीं थी . इसलिए आपका पोस्ट लगाया.. अगर यह एक गुनाह था थो मैंने ये गुनाह किया है और आशा है आप माफ़ करेंगे.. mai to apne blog ke madhayam se apke vecharo ko logo tak pauhchana chata tha.. maine pahle hi kaha hai ki mai bloging me nya hoo.isliay aapka naam, abhar, aadi nahi de saka.. aasha hai aap mujhe maaf karenge aur mera margdarsan karenge...aapke jabab ke intazar me.... Rajesh Shukla

      उत्तर देंहटाएं
    15. माफ़ करना उपदेश भाई मेरा आपका पोस्ट चोपी करने का कोई इरादा नहीं था. मै ब्लोगिंग पर पूरी तरह से नया हूँ . और आपकी पोस्ट मुझे अच्छी लगी इसलिए मैंने आपका पोस्ट लगाया था. मेरे कंप्यूटर में हिंदी writing की सुविधा भी नहीं थी . इसलिए आपका पोस्ट लगाया.. अगर यह एक गुनाह था थो मैंने ये गुनाह किया है और आशा है आप माफ़ करेंगे.. mai to apne blog ke madhayam se apke vecharo ko logo tak pauhchana chata tha.. maine pahle hi kaha hai ki mai bloging me nya hoo.isliay aapka naam, abhar, aadi nahi de saka.. aasha hai aap mujhe maaf karenge aur mera margdarsan karenge...aapke jabab ke intazar me.... Rajesh Shukla

      उत्तर देंहटाएं

    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
    Copyright (c) 2009-2012. नुक्कड़ All Rights Reserved | Managed by: Shah Nawaz