शनिवार और रविवार इंटरनेट से दूर आगरा में रहूंगा (अविनाश वाचस्‍पति)

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  • अविनाश वाचस्पति
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  • एक आवश्‍यक कार्य से आज शनिवार दिनांक 8 मई 2010 को आगरा जा रहा हूं। रविवार को वापसी होगी। संभवत: आगरा में हिन्‍दी प्रेमी ब्‍लॉगरों, साहित्‍यकारों, चिंतकों, समाजसेवियों से मुलाकात हो। ऐसा हुआ तो आने पर एक पोस्‍ट
    आगरा ब्‍लॉगर मिलन के नाम होगी। पोस्‍ट छोटी ही होगी क्‍योंकि आगरा में मेरी जानकारी में 5 से 7 हिन्‍दी ब्‍लॉगर हैं। अब देखते हैं कि उनमें से कितनों से मिलना संभव हो पाता है। अपनी व्‍यस्‍तताएं तो हैं ही, आगरा वालों की भी होंगी। फिर भी एक विश्‍वास है कि जिनसे भी मुलाकात होगी, सुखद होगी। कितनी बातें हो पाती हैं। गर्मी तो भीषणतम रूप में कयामत बरपा ही रही है। हो सकता है मौसम मेहरबान हो जाए और कुछ छींटे ठंडक के तपती धरा पर बरस जाएं।
    अभी से कयास लगाने से क्‍या लाभ ? उम्‍मीद अधिक बांध लो और पूरी न हों तो दुख होता है। इसलिए एक भी उम्‍मीद नहीं सिर्फ अटूट विश्‍वास। आने पर ही दूंगा खबर मैं खास। इन दो दिन इंटरनेट से नहीं जुड़ पाऊंगा।


    अब चलते हैं
    सोमवार को मिलते हैं
    तब तक आप

    प्रयास से रूबरू हों।

    10 टिप्‍पणियां:

    1. चलो दो दिन की शांति,,,,,....................................................................................



      अरे अरे, आपको!!

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    2. आगरा क्यों जा रहे हैं, नहीं पूछूँगा.
      वापस आयेंगे तो ब्लागर मिलन की बात होगी

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    3. ये भी नशा है दो दिन दूर कैसे रहेंगे..

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    4. क्या लिखूं सोच रहा था बैठे बैठे
      तभी याद आ गये आगरा के पेठे

      पेठे जितनी ही स्वादिष्ट सुपाच्य है आपकी रचनाएँ
      दो दिन में अपना कार्य पूर्ण कर शीघ्र वापस आएं

      आपकी यात्रा मंगलमय हो, हम सबकी शुभकामनाएं

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    5. अच्छा प्रयास ब्लॉग और ब्लोगिंग के बिकाश के दिशा में / आगरा में ब्लोगरों और वो भी खोजी ब्लोगरों की संख्या कम से कम एक हजार हो ,इस विषय पर वहाँ के ब्लोगरों से चर्चा जरूर कीजियेगा /

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    6. अविनाश भाई,
      बैठे बिठाए अचानक आगरा...सब ठीक-ठाक तो है न...

      वैसे ब्लॉगिंग के हम जैसे सभी दीवानों की आखिरी मंज़िल आगरा, रांची ही होनी है...लेकिन आप इतनी जल्दी...

      जय हिंद...

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    7. सुना है...आगरे के पागल बहुत मशहूर हैं !

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    8. Pyare mitron, Avinashji ko lekar aap chintit n hon. Ve abhi Agre men hain, aage kahan jayenge, mujhe pata nahin. Ve apne joolush ke sath mere pas aaye, thodi der gapiyate rahe, chai ki chuski li aur phir nare lagate hue nikal gaye. Main to philhal phansa hua hun, aap ko isliye khabar kar raha hun ki aap un par najar rakh saken.

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    9. भई आगरा में प्रेम का प्रतीक ताजमहल भी तो है ।
      यात्रा सुखमय हो ।

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
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