ब्लोगोत्सव-२०१० के पन्द्रहवें दिन का कार्यक्रम

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  • ravindra prabhat
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  • आज दिनांक: १७.०५.२०१० को ब्लोगोत्सव-२०१० के पन्द्रहवें दिन प्रकाशित पोस्ट के लिंक-

    विश्व के हर देश में फलित है ये हिंदी ब्लॉग जगत :रेखा श्रीवास्तव http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_16.html

    विवेकानंद पाण्डेय की देश के अमर सपूतों की श्रद्धांजलि में अर्पित एक कविता http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_9688.html

    जब भी वो मुझसे टकराती है मुझे याद दिलाना नहीं भूलती : शेफाली पांडे http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_1313.html

    सुनील गज्जाणी की कुछ कविताएँ
    http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_292.html

    उसके होंठों पर पुती हुई लिपस्टिक की लाली देर शाम तक बरकरार रहती है http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_17.html

    यशवन्त मेहता "यश" की कविता :किसकी महिमा हो तुम
    http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_5676.html

    उसका पति उसे अकेले बाहर नहीं जाने देता , कहते हुए वह शर्म से लाल हो जाती है http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_7135.html

    श्यामल सुमन की दो कविताएँ
    http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_2231.html

    यह कौन सा ज़माना है ------- शेफाली पांडे की व्यंग्य कविता
    http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6597.html

    मीत की दो कविताएँ
    http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_5670.html

    कवि सुमित्रानंदन पन्त से एक मुलाकात अबोध मन की...रश्मि प्रभा
    http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6689.html

    डा.सुभाष राय का आलेख : जाति न पूछो साध की
    http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_2094.html

    टेंशन लेने का नहीं जी , देने का ....... शशि सिंघल
    http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_8716.html

    मेरी गंगा सागर यात्रा : मनोज कुमार
    http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_17.html

    रावण का अंतरद्वंद : गगन शर्मा
    http://shabd.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_17.html

    1 टिप्पणी:

    1. मैंने उपरोक्त में से ७ पोस्ट पढ़ ली हैं टिप्पड़ी भी दे चुकी हूँ क्या दुबारा देनी पड़ेंगी ,
      जलजला वाली पोस्ट पर तो आप टिप्पड़ी ही नहीं ले रहे वैसे उसका माफीनामा हम ब्लागरों की ताकत का परिचायक है

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
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