अ‍स्‍त्र-शस्त्र

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  • डॉ० डंडा लखनवी
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                    -डॉ० तुकाराम वर्मा 





    अ‍स्‍त्र  - शस्त्र   निर्माण    का,  यही   मूल  आधार।
    स्वार्थ   हेतु   पर   प्राण  पर,  कैसे    करें   प्रहार।।

    चीख-चीख कर कह रहा,  अब  तक  का इतिहास।
    अस्त्रों - शस्त्रों  ने  किया,  बाधित  विश्व  विकास।।

    अणु -  आयुध   की  मार  से, होगा   सर्व  विनाश।
    निर्जन   धरती    देख     कर, रोएगा     आकाश।।

    अस्त्र - शस्त्र   धारी   कभी,  कहीं   न   पाएं   चैन।
    किन्तु शास्त्र ज्ञाता करे, सुख अनुभव दिन-रैन।।

    अस्त्र  शक्ति  से  शब्द   का, क्षमता   क्षेत्र   महान।
    हरे  अस्त्र  हर  प्राण   को,  शब्द    करे  कल्याण।।

    ई-1/2, अलीगंज, हाउसिंग स्कीम, सेक्टर-बी
    लखनऊ-226024
    सचलभाष-09936258819

    4 टिप्‍पणियां:

    1. अणु - आयुध की मार से, होगा सर्व विनाश।
      निर्जन धरती देख कर, रोएगा आकाश।।
      बहुत ही सटीक ओर सत्य कहा आप ने अपनी इस रचना मै

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    2. तीसरे विश्वयुद्ध के बाद सब ठीक हो जाएगा (क्योंकि तब अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग करने वाला ही कोई न होगा)

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    3. अणु - आयुध की मार से, होगा सर्व विनाश।
      निर्जन धरती देख कर, रोएगा आकाश।।
      विचारोत्तेजक! यथार्थ लेखन।

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
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