गंवारों के लिए है भोजपुरी फिल्मों के गीत

गंवारों के लिए है भोजपुरी फिल्मों के गीत
इन दिनों भोजपुरी गीतों और फिल्मों का दौर है। भोजपुरी फिल्म की यात्रा प्रारम्भ हुई थी गंगा मईया तोहे पियरी चढईबो से। उसके बाद कई भोजपुरी फिल्में बनी लेकिन उन्हें इस भोजपुरी फिल्म की तरह न प्रसिद्धि मिली और न व्यवसायिक सफलता। उस दौर के फिल्मों की यह खूबी थी कि उनके गीतों में काव्य सौष्ठव होता था। मसलन गंगा मईया तोहे पियरी चढईबो का गीत सोनवा के पींजडा में बंद भईली हाय राम कि चिडई के जीयरा उदास या हे गंगा मईया तोहे पियरी चढईबो, सईंया से कर द मिलनवा आदि गीतों में रसात्मकता के साथ-साथ काव्यात्मकता भी थी। READ MORE...

3 टिप्‍पणियां:

  1. माफी चाहूँगा, आज आपकी रचना पर कोई कमेन्ट नहीं, सिर्फ एक निवेदन करने आया हूँ. आशा है, हालात को समझेंगे. ब्लागिंग को बचाने के लिए कृपया इस मुहिम में सहयोग दें.
    क्या ब्लागिंग को बचाने के लिए कानून का सहारा लेना होगा?

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  2. क्षमा करिए। पहली भोजपुरी फिल्म 'बिदेसिया' श्वेत श्याम थी। ग़जब पॉपुलर हुई। वेनिस फिल्म फेस्टिवल में प्रथम पुरस्कार मिला और संगीत ग़जब का था - एस.एन. त्रिपाठी, गीत थे,

    (1) हंसि हंसि पनवा खियवले बइमनवा
    (2) रहिया तकत मोरि थकली
    (3) बनि जइहों बन कै

    पहले गीत में ग़जब की टीस है जो हिन्दी फिल्मों में भी मुश्किल से मिलती है।

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