हिंदी ब्‍लॉगरों को मिला एक जरूरी संदेश (पीयूष पांडे)

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  • अविनाश वाचस्पति
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  • आज सोमवार 5 अक्‍टूबर 2009 को दैनिक भास्‍कर में पेज सात पर हिन्‍दी ब्लॉगरों को मिला एक जरूरी संदेश शीर्षक से श्री पीयूष पांडे का लेख प्रकाशित हुआ है जिसका स्‍कैनबिम्‍ब अविकल रूप से आप सबके के लिए प्रस्‍तुत है। फोटो पर चटका लगायें और पूरा लेख पढ़ लें।

    15 टिप्‍पणियां:

    1. इस सारगर्भित लेख को पढ़वाने के लिए आभार!

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    2. बहुत धन्यवाद , इतने ब्लोग्स में तो हम खोए से लगते हैं , पर अपना ब्लॉग देखकर ऐसे लगता है जैसे किताब छपी हो , और ये अहसास ही क्या कम है ! धन्यवाद , अंतर्जाल को भी |

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    3. पीयूष पाण्डे ने बहुत बढ़िया लेख लिखा है. उनका यह लेख कहीं नेट पर (ब्लॉग इत्यादि पर) है? यदि हाँ तो लिंक भी दें.

      उनका यह कहना कि एग्रीगेटरों को कोई आर्थिक मॉडल अपना कर अपना उत्तरोत्तर विकास करना चाहिए व नई नई सुविधाएँ भरते रहना चाहिए - काबिले गौर है. मैं भी इसी बात को कहता आ रहा हूं - फ्रॉम डे वन!

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    4. सही लिखा है.
      मेरी भी सहमती दर्ज करें.

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    5. ji hna, mene padhha thaa yah, aour yah bhi sach he ki hame nijee tour par mehanat karni hogi taaki hindi ke pathak aour lekhak saath bane rahe, antotvgatvaa ham sab hindi ki pooja hi to kar rahe he/

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    6. संदेश हम तक पहुचाने के लिये आप अक धन्यवाद

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    7. बहुत ही बेहतरीन प्रस्‍तुति पीयूष पाण्‍डेय जी की और आपका आभार जो हम तक यह पहुंच सका ।

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    8. avinaash ji

      is post ke liye badhai sweekar kijiye ..

      regards,

      vijay

      PS- bahut dino se aapki koi comedy poem nahi padhi .. psl kuch likhiye ..

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    9. यूं तो ब्लॉगर भी हम हैं और पाठक भी हम ही हैं । फिर भी हमें अपने ब्लॉग को आप सब तक पहुंचाने के लिए हिन्दी ब्लॉग डायरेक्टरी की विशेष आवश्यकता होती है । चिठ्ठाजगत , हिन्दीब्लॉगडॉट्कॉम व ब्लॉगवाणी जैसे एग्रीगेटर के माध्यम से ही ब्लॉगर की दुनिया में टिके रह पाते हैं । अन्यथा जब कोई हमारी पोस्टों को पढ़ने वाला व अपनी टिप्पणी देने वाला न होगा तो हम कैसे टिकेंगे ? रही बात हमारे स्वयं द्वारा कुछ करने की तो हमें इतनी जानकारी ही नहीं है। यदि आप लोग इस क्षेत्र में कुछ नया करेंगे तो हम आपके पीछे - पीछे हो लेंगे ।
      पीयूष जी ने अपने लेख में ब्लॉगरों का ध्यान बिल्कुल सही ओर खींचा है ।

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
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