ऐसे क्‍यों चले जाते हैं

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  • अविनाश वाचस्पति
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  • श्री आशीष कुमार अंशु के भेजे एस एम एस से यह जानकर बहुत दुख हुआ है कि देश के हास्‍य-व्‍यंग्‍य क्षेत्र में प्रतिष्ठित कवि मध्‍य प्रदेश में आयोजित एक सम्‍मेलन से कार द्वारा लौटते हुए दुर्घटनाग्रस्‍त हुए । जिनमें श्री ओम प्रकाश आदित्‍य, श्री नीरज पुरी, श्री लाड सिंह गूजर नहीं रहे। एक कवि श्री ओम व्‍यास गंभीर रूप से घायल हैं।
    समाचार का लिंक यहां पर विस्‍तृत समाचार भी देखें
    अभी अभी एक और एस एम एस आया है उसके अनुसार श्री हबीब तनवीर भी अल्‍लाह को प्‍यारे हो गये हैं। सभी दिवंगतों की आत्‍मा की शांति के लिए हम प्रार्थना करते हैं।
    पवन चंदन

    10 टिप्‍पणियां:

    1. दिवंगत आत्माओं को ऊपरवाला शांति बक्शे

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    2. kitne dukh ki baat hai ye...ye ek badi chhati hai,kisi bhi kavi ko khona aisa hi hai jaise parivaar se koi chalaa gayaa ho :(

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    3. मानस के मोती पर प्राप्‍त ई मेल

      यह समाचार अत्यधिक हृदयविदारक एव कष्टप्रद है।
      ‘व्यंग्य यात्रा ’ परिवार की दिवंगत साहित्यकारों
      - ओम प्रकाश आदित्य, नीरज पुरी एवं लाड सिंह गूजर
      को विनम्र श्रद्धांजलि
      तथा हम ओम व्यास के शीघ्र स्वास्थ्य की कामना करते हैं
      प्रेम जनमेजय

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    4. मानस के मोती पर प्राप्‍त ई मेल

      ओह! यह सब बहुत ही दुखद और स्तब्ध करने वाली सूचनाएं हैं.
      उदय प्रकाश

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    5. शोक संतप्त परिवार के साथ परमात्मा से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को शांति दे

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    6. बहुत दुःख का विषय है ...इससे ज्यादा दुर्भाग्य भारत का क्या होगा ?

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    7. अविनाश भाई..कुछ दुर्घटनाएं कभी कभी बहुत सारा छीन लेती हैं...ये भी उनमें से एक है...बहुत दुःख पहुंचा ये जानकार...

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    8. aaj subah hi paper mein unke bare mein padha bahut dukh hua.........bhagwan unki aatma ko shanti de.

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
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